, व्यापारियों को बताईं रेलवे की सुविधाएं
खाद्यान्न, धान, सीमेंट और फ्लाई ऐश के रेल परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर, व्यापारियों और उद्यमियों के सुझावों पर भी हुई चर्चा
पीडीडीयू नगर। रेलवे के माल लदान और राजस्व में वृद्धि करने के उद्देश्य से गुरुवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट (बीडीयू) की बैठक आयोजित की गई। इसमें खाद्यान्न, धान, सीमेंट और फ्लाई ऐश सहित विभिन्न वस्तुओं की रेल मार्ग से ढुलाई बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। रेलवे अधिकारियों ने व्यापारियों और उद्यमियों को माल परिवहन से जुड़ी सुविधाओं और मालभाड़े के लाभकारी प्रावधानों की जानकारी दी।
वाणिज्य विभाग की ओर से आयोजित बैठक में अपर मंडल रेल प्रबंधक कुलदीप सहित बीडीयू से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सभाकक्ष के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी व्यापारियों और उद्यमियों ने भाग लिया। इस दौरान विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों से रेल मार्ग के जरिए माल परिवहन बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।
बैठक में बिहार स्टेट फूड कॉरपोरेशन के रोहतास, गया और औरंगाबाद स्थित केंद्रों से चावल की ढुलाई बढ़ाने के विषय पर विचार किया गया। वहीं, जानकी ट्रेडर्स औरंगाबाद से धान तथा श्री सीमेंट औरंगाबाद से सीमेंट के लदान की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा एनपीजीसीएल अंकोरहा और बीआरबीसीएल नवीनगर के प्रतिनिधियों के साथ फ्लाई ऐश के रेल परिवहन से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
रेलवे अधिकारियों ने व्यापारियों को माल परिवहन के लिए उपलब्ध सुविधाओं, संबंधित प्रक्रियाओं और संभावित व्यावसायिक लाभों की जानकारी दी। उन्होंने व्यापारियों और उद्यमियों को रेल मार्ग से अधिकाधिक माल भेजने के लिए प्रोत्साहित किया। बैठक में कारोबारियों की आवश्यकताओं और सुझावों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने माल लदान बढ़ाने के लिए रेलवे और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।
उल्लेखनीय है कि डीडीयू मंडल की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट किसानों, व्यापारियों और उद्यमियों से लगातार संपर्क कर रेल परिवहन की संभावनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य माल ढुलाई के नए अवसर विकसित करना, व्यापारियों को रेलवे की सुविधाओं से जोड़ना और मंडल के माल लदान तथा रेल राजस्व में वृद्धि करना है।





















