कानूनी साक्षरता क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों को संविधान, मौलिक अधिकारों और कानूनों के प्रति किया जाएगा जागरूक
चंदौली, 27 अक्टूबर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर चंदौली जिले के सभी इंटर कॉलेजों में कानूनी साक्षरता क्लबों के माध्यम से ‘संविधान संवाद’ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत विद्यार्थियों को संविधान, कानूनी अधिकारों और नागरिक कर्तव्यों की जानकारी देने के साथ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। अभियान की तैयारियों के क्रम में मंगलवार को तहसील स्थित सभागार कक्ष में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव निकिता गौड़ की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को संविधान के निर्माण, उसकी प्रस्तावना, राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों और मौलिक कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही शासन के विभिन्न अंगों, उनकी भूमिकाओं और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा की गई।
प्रशिक्षण में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षकों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), 2012, बाल विवाह निषेध कानून और बाल श्रम से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को इन कानूनों के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया, लोक अदालत की उपयोगिता और कानूनी सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी बताया गया। साथ ही विद्यालयों में संचालित होने वाले कानूनी साक्षरता क्लबों की भूमिका और उनके माध्यम से जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के तरीकों पर प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान ‘संविधान संवाद’ अभियान और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के संचालन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों की समझ विकसित करने, कानून के प्रति सम्मान की भावना बढ़ाने और उन्हें अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास किया जाएगा।





















