राजू मनवानी बोले— यह विश्व के सिंधी समाज का समर्पण, दानदाताओं को मिले रसीद
अयोध्या। श्रीराम मंदिर में सिंधी समाज द्वारा समर्पित 200 चांदी की ईंटों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अयोध्या के स्थानीय सिंधी समाज के एक गुट द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में विश्व सिंधी सेवा संगम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष राजू मनवानी द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट से चांदी की ईंटों के रख-रखाव और जानकारी मांगे जाने का विरोध किया गया। इसके बाद राजू मनवानी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह दान विश्वभर के सिंधी समाज की आस्था का प्रतीक है और दानदाताओं को जानकारी मांगने का पूरा अधिकार है।
राजू मनवानी ने कहा कि कुछ लोगों ने प्रेस के माध्यम से यह प्रचारित किया कि यह दान सिंधी समाज का नहीं, बल्कि कुछ अन्य व्यक्तियों का है। उन्होंने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि 200 दानदाताओं की सूची अयोध्या सिंधु सेवा समिति (रजि.) के अध्यक्ष एवं श्रीराम सिंधु धाम ट्रस्ट के महामंत्री अमृत राजपाल तथा मीडिया को उपलब्ध करा दी गई है। उनके अनुसार, सूची में शामिल सभी 200 दानदाता सिंधी समाज से हैं और वे भारत सहित 17 देशों में निवास करते हैं। सभी ने राम मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धापूर्वक चांदी की ईंटें समर्पित की थीं।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में एक गुट द्वारा की गई प्रेस वार्ता उनका व्यक्तिगत विषय हो सकता है, लेकिन यह समर्पण पूरे विश्व के सिंधी समाज की ओर से किया गया था।
इस मामले में अयोध्या सिंधु सेवा समिति (रजि.) के अध्यक्ष एवं श्रीराम सिंधु धाम ट्रस्ट के महामंत्री अमृत राजपाल ने कहा कि समाज के कुछ लोग सिंधी समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में हुई कथित चढ़ावा चोरी की घटना से विश्वभर का सिंधी समाज और सनातन समाज आहत है। उन्होंने मांग की कि जिन 200 लोगों ने चांदी की ईंटें दान की हैं, उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से तत्काल आधिकारिक रसीद जारी की जाए। साथ ही चोरी के आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
सिंधु सेवा समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ समाजसेवी अशोक मदान सुखी ने 200 चांदी की ईंटें दान करने वाले सभी दानदाताओं का आभार व्यक्त किया। समिति के मंत्री राजकुमार रामानी ने कहा कि उन्हें दिग्भ्रमित कर प्रेस वार्ता में बुलाया गया था। उन्होंने राजू मनवानी को समाज का समर्पित समाजसेवी बताते हुए कहा कि कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता के लिए समाज और मीडिया को भ्रमित कर रहे हैं।
श्रीराम सिंधु धाम के कोषाध्यक्ष सुनील मंध्यान ने कहा कि 200 अतिथियों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया था और वे सिंधी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग समाज में विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।
वहीं, श्रीराम सिंधु धाम के मीडिया प्रभारी कैलाश लखमानी ने कहा कि भगवान राम के नाम पर समर्पित दान की पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।








