संक्षेप में समझिए पूरा मामला
देवरिया (Deoria) के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में नामजद आरोपी और निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव को गोरखपुर पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। शालिनी श्रीवास्तव पिछले कई महीनों से फरार चल रही थीं और उन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें गोरखपुर लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दिल्ली से हुई गिरफ्तारी
गोरखपुर के गुलरिहा थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित चल रहीं निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को मंगलवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी। सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रेस की, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया।
सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी शालिनी श्रीवास्तव के खिलाफ दर्ज मुकदमे में गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है और मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है।
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या से जुड़ा है मामला
यह मामला कुशीनगर जिले के हरैया बुजुर्ग गांव निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या से जुड़ा हुआ है। 21 फरवरी 2026 को उन्होंने गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र स्थित अपने बड़े भाई के घर में फंदे से लटककर जान दे दी थी।
पुलिस जांच के दौरान मृतक के पास से चार पन्नों का सुसाइड नोट और एक वीडियो बरामद हुआ था। इन दस्तावेजों में तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह का उल्लेख किया गया था।
पत्नी ने दर्ज कराया था मुकदमा
घटना के अगले दिन 22 फरवरी को मृतक शिक्षक की पत्नी गुड़िया सिंह ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन के नाम पर शिक्षकों से बड़ी धनराशि की मांग की गई। आरोप यह भी था कि आर्थिक दबाव और कथित मानसिक प्रताड़ना के कारण कृष्ण मोहन सिंह तनाव में थे।
हालांकि इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।
शासन ने किया था निलंबित
मामला सामने आने और व्यापक चर्चा के बाद शासन स्तर पर कार्रवाई की गई थी। इसके तहत तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और संबंधित लिपिक को निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद गोरखपुर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया। शुरुआती दौर में 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया।
पहले हो चुकी है एक गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस पहले ही एक अन्य आरोपी, पूर्व प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की थी और फरार आरोपियों की तलाश जारी रखी थी।
आगे क्या?
शालिनी श्रीवास्तव की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उनसे पूछताछ कर मामले से जुड़े तथ्यों को खंगालने की तैयारी में है। वहीं दूसरे आरोपी लिपिक संजीव सिंह की तलाश भी जारी है। इस बहुचर्चित मामले में आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।







