सुल्तानपुर। जनपद की जयसिंहपुर तहसील में तैनात तहसीलदार मयंक मिश्रा के विरुद्ध एक भूमि एवं वरासत विवाद से जुड़े मामले में शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची है। शिकायतकर्ता विजय कुमार सिंह ने तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उचित कार्रवाई की मांग की है।
क्या है मामला?
शिकायत के अनुसार विवाद एक पैतृक भूमि और वरासत से संबंधित है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके चाचा जंगा सिंह की मृत्यु के बाद वर्ष 1990 में सक्षम न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों की सहमति से वरासत का आदेश पारित किया गया था। बाद में इस भूमि को लेकर नया विवाद उत्पन्न हुआ, जिसमें कथित रूप से एक वसीयत के आधार पर नामांतरण की कार्रवाई की गई।
शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने संबंधित आदेशों को न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसके बाद मामले में विभिन्न न्यायिक प्रक्रियाएं चलीं। इसी क्रम में विपक्षी पक्ष के विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं में मुकदमा भी दर्ज होने का उल्लेख शिकायत में किया गया है।
तहसीलदार पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि तहसीलदार मयंक मिश्रा ने मामले की पत्रावली को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप संचालित नहीं किया तथा शिकायतकर्ता को पर्याप्त अवसर दिए बिना कुछ आदेश पारित किए। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि आदेशों के संबंध में उन्हें समय पर जानकारी नहीं दी गई।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है और न ही प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
शिकायतकर्ता की मांग
विजय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री, राजस्व परिषद अध्यक्ष तथा जिलाधिकारी सुल्तानपुर को भेजे गए प्रार्थना पत्र में पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने, संबंधित आदेशों की समीक्षा कराने और मामले में आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल यह मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। आरोपों की सत्यता तथा प्रशासनिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं, इसका निर्धारण सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जाने वाली जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।







