हाथरस: बारिश का मौसम शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। ऐसे में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जागरूक करने और मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय मलेरिया टीम ने विकासखंड महौ के गांव नयाबास समेत शहर के कई क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया। टीम ने घर-घर जाकर लोगों को मच्छरों के प्रजनन को रोकने के उपाय बताए।
घरों में पानी जमा न होने देने की दी सलाह
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों से कहा कि घरों में रखे कूलर, फ्रिज की ट्रे, खाली डिब्बे, टायर और अन्य ऐसी जगहों पर पानी जमा न होने दें, जहां मच्छर पनप सकते हैं। लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई रखने और पानी को ढककर रखने की भी सलाह दी गई। टीम ने ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के लक्षणों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी।
मलेरिया केस की सूचना पर नयाबास पहुंची टीम
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से जिला स्तरीय मलेरिया टीम को विकासखंड महौ के गांव नयाबास में मलेरिया के एक मामले की जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम ने गांव का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया। ग्रामीणों से बुखार होने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने की अपील की गई।
स्वास्थ्य शिविर लगाकर की मरीजों की जांच
गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महौ की चिकित्सीय टीम की ओर से स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। शिविर में ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की गई। बुखार से पीड़ित लोगों की रक्त पट्टिकाएं तैयार कर जांच के लिए भेजी गईं और जरूरतमंद मरीजों को दवाएं वितरित की गईं।
एंटी लार्वा दवा का कराया छिड़काव
मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए गांव में नालियों और पानी जमा होने वाले स्थानों पर एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया गया। ग्राम प्रधान के सहयोग से नाले-नालियों की सफाई भी कराई गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने घर और आसपास पानी जमा न होने दें। टीम ने कहा कि मच्छरों की रोकथाम में लोगों की जागरूकता और सहभागिता बेहद जरूरी है। अभियान के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी प्रदीप रावत, चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष, अनंत कुमार (आईएफडब्ल्यू) समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।






















