गोरखपुर सपा की पूरी जिला-महानगर इकाई भंग
गोरखपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर में पार्टी की जिला और महानगर इकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। जिला अध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष समेत पूरी जिला एवं महानगर कार्यकारिणी, फ्रंटल संगठनों और प्रदेश कार्यकारिणी में गोरखपुर से जुड़े सभी पदाधिकारियों को भी हटा दिया गया है। यह कार्रवाई शनिवार को सपा की प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं के बीच हुए विवाद और मारपीट की घटना के एक दिन बाद हुई है।
गोरखपुर में शनिवार को सपा की प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी और सपा नेता अंशुमान सिंह से जुड़े लोगों के बीच बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते कहासुनी हाथापाई में बदल गई। इसी दौरान नगीना साहनी को थप्पड़ मारे जाने की बात सामने आई। मौके पर मौजूद नेताओं ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया।
घटना की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दी गई थी। इसके बाद अंशुमान सिंह को पार्टी से निष्कासित किए जाने की जानकारी सामने आई। अब पार्टी नेतृत्व ने गोरखपुर के पूरे संगठन को भंग करने का फैसला लिया है।
विवाद के बाद दर्ज हुई एफआईआर
प्रेस क्लब में हुए विवाद को लेकर नगीना प्रसाद साहनी की तहरीर पर कैंट थाने में तीन नामजद समेत 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार मामले में मारपीट, हत्या की कोशिश समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। तहरीर में असलहा दिखाने और फायरिंग के आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
संगठन में बड़ा फेरबदल
सपा नेतृत्व की कार्रवाई के बाद अब गोरखपुर में पार्टी संगठन के नए सिरे से गठन की तैयारी मानी जा रही है। जिला और महानगर स्तर के साथ फ्रंटल संगठनों में भी नई जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। पार्टी की ओर से यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी तेज हो रही हैं।
प्रेस वार्ता में हुई घटना के बाद पार्टी के भीतर अनुशासन और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठे थे। अखिलेश यादव के फैसले से गोरखपुर सपा संगठन में व्यापक बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।




















