एक की मौत; 400 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान
सूमी। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के सूमी शहर में भारतीय कारोबारी राजीव गुप्ता की फार्मा फैक्ट्री को रूसी ड्रोन हमले में भारी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। फैक्ट्री की मुख्य इमारत का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, हमले से फैक्ट्री को करीब 400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि, नुकसान का अंतिम आकलन अभी किया जाना बाकी है। हमले के बाद फैक्ट्री परिसर से धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों और घायलों की संख्या में आगे बदलाव हो सकता है।
रूस की सीमा से करीब 23 किलोमीटर दूर है फैक्ट्री
राजीव गुप्ता की यह फैक्ट्री कुसुम ग्रुप की है। यह सूमी शहर में स्थित है और रूस की सीमा से करीब 23 किलोमीटर दूर बताई जाती है। युद्ध शुरू होने के बाद भी यहां दवा उत्पादन का काम जारी था, लेकिन ताजा ड्रोन हमले के बाद फैक्ट्री का मुख्य संचालन प्रभावित हुआ है।
कुसुम ग्रुप का मुख्यालय यूक्रेन की राजधानी कीव में है। कंपनी की स्थापना भारतीय मूल के कारोबारी राजीव गुप्ता ने की थी। वह 1990 के दशक में यूक्रेन पहुंचे थे और बाद में उन्होंने वहीं अपना कारोबारी समूह खड़ा किया।
भारत से दवाओं के वितरण से शुरू हुआ था कारोबार
कुसुम ग्रुप ने 1994 में भारत से यूक्रेन को दवाओं की आपूर्ति करने वाली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के तौर पर कारोबार शुरू किया था। 1996 में कंपनी को यूक्रेन में औपचारिक रूप से स्थापित किया गया।
बाद में कंपनी ने दूसरी कंपनियों की दवाओं की बिक्री से आगे बढ़कर अपने ब्रांड विकसित किए। 2002 में कुसुम ग्रुप ने अपने ब्रांड की दवाओं की मार्केटिंग शुरू की और इसके बाद खुद उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ाया। 2007 में भारत में उत्पादन संयंत्र शुरू किया गया, जबकि 2009 में यूक्रेन के सूमी में फार्मा प्लांट स्थापित किया गया।
कई देशों में कारोबार
कुसुम ग्रुप टैबलेट, कैप्सूल और लिक्विड दवाओं समेत 50 से अधिक जेनेरिक दवा ब्रांड बनाता है। कंपनी के उत्पाद यूक्रेन के अलावा उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और फिलीपींस समेत कई देशों में बेचे जाते हैं।
भारत में भी कंपनी की उत्पादन सुविधाएं राजस्थान के भिवाड़ी और मध्य प्रदेश के पीथमपुर, इंदौर में बताई जाती हैं। कंपनी खुद को भारतीय जड़ों वाली यूक्रेनी फार्मा कंपनी के रूप में पेश करती है।
युद्ध के बीच लगातार काम कर रहा था प्लांट
रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद भी सूमी स्थित प्लांट में काम जारी रहा। ताजा हमले में फैक्ट्री की मुख्य इमारत को भारी नुकसान पहुंचने के बाद उत्पादन गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, रूस हाल के महीनों में यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में ड्रोन से हमले कर रहा है। इन हमलों को रोकना यूक्रेन की एयर डिफेंस व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है।
यूक्रेन के दूसरे इलाकों में भी रूसी हमले
इस बीच 3 अक्टूबर की सुबह यूक्रेन पर हुए रूसी हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत की खबर है। राजधानी कीव के नॉर्दर्न ब्रिज को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने ब्रिज को सैन्य आवाजाही के लिए इस्तेमाल किए जाने का दावा किया है।
पिछले कुछ दिनों में ड्निप्रो नदी पर बने कीव के छह प्रमुख सड़क पुलों में से तीन पर हमलों के कारण पूरी या आंशिक रूप से आवाजाही प्रभावित होने की रिपोर्ट है। वहीं, खार्किव और आसपास के इलाकों में शुक्रवार और शनिवार रात ड्रोन और गाइडेड बमों से हुए हमलों में पांच लोगों की मौत और 40 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी स्थानीय अधिकारियों ने दी है।




















