संवाददाता
जयपुर। इंडियन ग्रामीण सर्विसेस द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सतत कृषि, जैव विविधता संरक्षण और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत सभी माननीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ की गई तथा अतिथियों का स्वागत प्लांटर भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम के दौरान इंडियन ग्रामीण सर्विसेस से भास्कर सिंह ने परियोजना के उद्देश्य और इसके क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य किसानों की आजीविका को सशक्त बनाते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देना है। इसके पश्चात सुन्दरम जी ने पौधारोपण और जैव विविधता संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता बताई।
मुकेश गुप्ता ने जैविक खेती और आधुनिक कृषि पद्धतियों पर अपने विचार रखते हुए बताया कि वर्तमान समय में खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भी खेती में सहायक साबित हो सकती है। साथ ही पौधारोपण, पशुपालन और फसल उत्पादन को एकीकृत कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।
अपने उद्बोधन में निसार अहमद ने सरकारी नीतियों और कानूनों पर चर्चा करते हुए स्वच्छ पर्यावरण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें यह भी आकलन करना होगा कि विभिन्न नीतियों के बावजूद हमारे आसपास पर्यावरण में कितना सुधार हुआ है। उन्होंने खेती में महिलाओं की भागीदारी और स्वामित्व को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम में सुशील वैष्णव, जो Ecoil नामक सस्टेनेबिलिटी स्टार्टअप से जुड़े हैं, ने बताया कि उनकी संस्था होटलों, रेस्तरां और ढाबों से उपयोग किया हुआ खाना पकाने का तेल (Used Cooking Oil – UCO) एकत्रित कर उसे बायोडीजल में परिवर्तित करती है। उन्होंने जले हुए तेल के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी।
बंधन बैंक के रीजनल हेड (एग्री बिजनेस) ने बैंक द्वारा किसानों को उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सहायता और विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बैंक कृषि और व्यवसाय से जुड़े कार्यों के लिए किसानों और उद्यमियों को सहयोग प्रदान कर रहा है।
इस अवसर पर डॉ. नेहा पांडये ने आईआरएम (IRMA) की ग्रामीण विकास में भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं नाबार्ड की एजीएम विशाखा आर. गजबिये ने नाबार्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों और इंडियन ग्रामीण सर्विसेस के साथ चल रहे सहयोगात्मक प्रयासों के साथ-साथ किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की वर्तमान स्थिति पर जानकारी साझा की।
इसके अलावा धारा संस्था के डायरेक्टर महेश पम्पलिया ने सामुदायिक संगठनों की भूमिका पर चर्चा करते हुए बताया कि मजबूत सामुदायिक संगठन सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और विभिन्न संस्थानों से जुड़कर जानकारी व संसाधन प्राप्त कर अपने कार्यों को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में इंडियन ग्रामीण सर्विसेस के सीईओ श्री राधेश्याम सोलंकी ने कार्यक्रम के मुख्य बिंदुओं को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम किसानों, संस्थानों और समुदाय के बीच सहयोग को मजबूत करते हैं तथा सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होते हैं।डॉ नेहा पांडये जी द्वारा आई आर ऍम की ग्रामीण विकास में भूमिका व किस तरीके से डेवलपमेंट में भूमिका निभाता है उस पर प्रकास डाला कार्यक्रम में इंडियन ग्रामीण सर्विसेस से भास्कर सिंह शशिकांत राजा व मनीष जी उपस्थित रहे




