गोरखपुर/भैरहवा(कमल रायमांझी) नेपाल और भारत के बीच आर्थिक, व्यापारिक तथा निवेश सहयोग को और अधिक प्रभावी बनाकर साझा समृद्धि की मजबूत नींव तैयार करने की आवश्यकता पर दोनों देशों के सरकारी एवं निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने जोर दिया है। साथ ही गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल के पूर्ण संचालन, सीमावर्ती क्षेत्रों के औद्योगिक विकास तथा लुम्बिनी के अंतरराष्ट्रीय पर्यटन प्रवर्द्धन में भारतीय निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।
भारत के गोरखपुर में आयोजित ‘भारत-नेपाल आर्थिक सहयोग मंच–2026’ में वक्ताओं ने कृषि, पर्यटन, ऊर्जा, बैंकिंग, पूर्वाधार, औद्योगिक निवेश तथा सीमापार व्यापार को प्राथमिकता देते हुए द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में नेपाली निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल को नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए भारतीय विमान सेवा कंपनियों और निजी क्षेत्र से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। उनका कहना था कि विमानस्थल का पूर्ण एवं प्रभावी संचालन लुम्बिनी क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और निवेश को नई गति प्रदान करेगा तथा क्षेत्रीय आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
चर्चा के दौरान भैरहवा स्थित विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) में भारतीय उद्योगों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत और व्यावसायिक सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने सीमावर्ती क्षेत्रों की औद्योगिक संभावनाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए संयुक्त निवेश और उत्पादन विस्तार की दिशा में ठोस पहल करने का सुझाव दिया।
लुम्बिनी को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए भारतीय पर्यटन व्यवसायियों और निजी क्षेत्र की सक्रिय भूमिका पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने सुझाव दिया कि भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी को भारतीय बौद्ध श्रद्धालुओं तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए संयुक्त प्रचार अभियान चलाए जाने चाहिए।
भारत स्थित नेपाली दूतावास के सहसचिव तारानाथ अधिकारी ने कहा कि नेपाल और भारत के आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए व्यापार, पर्यटन, निवेश और पूर्वाधार विकास के क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच बढ़ती साझेदारी आर्थिक समृद्धि की मजबूत आधारशिला बन सकती है।
नेपाल दूतावास के आर्थिक परामर्शदाता रवीन्द्रजंग थापा ने नेपाल में निवेश, उद्योग, पर्यटन और व्यापार की अपार संभावनाओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी से दोनों देशों के आर्थिक संबंध और अधिक सुदृढ़ होंगे।
नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के उपाध्यक्ष कृष्णप्रसाद शर्मा ने व्यापार सहजीकरण, निवेश-अनुकूल वातावरण के निर्माण और सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक विकास को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि नेपाल-भारत आर्थिक संबंधों को व्यावहारिक और परिणाममुखी बनाने में निजी क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भारत-नेपाल आर्थिक सहयोग मंच के सचिव, उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम अध्यक्ष कमलेश जैन ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों, आर्थिक सहयोग की संभावनाओं और निजी क्षेत्र की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए साझेदारी को और अधिक परिणाममुखी बनाने का आह्वान किया।
भारतीय उद्योगपति अनुकूल भटनागर ने नेपाल और भारत के ऐतिहासिक संबंधों को आर्थिक विकास से जोड़ने पर बल देते हुए कहा कि व्यापार, उद्योग, निवेश और वित्तीय सहयोग के विस्तार से दोनों देश पारस्परिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
नेपाल चेम्बर ऑफ कॉमर्स, लुम्बिनी प्रदेश के अध्यक्ष टंक पोखरेल तथा नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ, लुम्बिनी प्रदेश के अध्यक्ष ठाकुरकुमार श्रेष्ठ ने सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक सहयोग को और अधिक विस्तार देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में नेपाल और भारत के उद्योगपतियों, व्यवसायियों, बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों, वाणिज्य एवं उद्योग संगठनों के पदाधिकारियों तथा विशेषज्ञों के बीच गोलमेज चर्चा, संवाद और अनुभवों का आदान-प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल पर नियमित उड़ानों के विस्तार, लुम्बिनी पर्यटन के प्रभावी प्रचार, विशेष आर्थिक क्षेत्र में निवेश वृद्धि, व्यापारिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, पूर्वाधार विकास तथा निजी क्षेत्र के बीच सहयोग को मजबूत बनाकर नेपाल-भारत आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।




