डा अखंड प्रताप सिंह
आईसीसी टी20 विश्व कप में भारत की शानदार जीत में कई खिलाड़ियों ने अहम भूमिका निभाई। ये जीत सिर्फ किसी एक खिलाड़ी की जीत नहीं है बल्कि पूरी टीम की जीत है। हालांकि सुर्खियों में कई बड़े नाम रहे, लेकिन विकेटकीपर-बल्लेबाज़ संजू सैमसन के योगदान का कोई जवाब नहीं। मिडिल ऑर्डर में उनकी तेज़ और जिम्मेदार बल्लेबाज़ी ने आखिर के तीन मैचों में भारत की जीत की नींव रखी।
टूर्नामेंट के दौरान जब भी भारतीय टीम दबाव में नजर आई, सैमसन ने आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए टीम को संभाला। उनकी तेज़ स्ट्राइक रेट वाली पारियों ने भारत को कई बार मुश्किल हालात से बाहर निकाला। नाइंटीज के पास तीन बार पहुंच कर शतक बनाने पर ध्यान देने की बजाय उन्होंने अपना आक्रामक खेल ही खेला। ये कोई छोटी बात नहीं और उनका यही जज्बा उन्हें महान बनाता है।
| टी20 विश्व कप में भारत की जीत कई खिलाड़ियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम रही, लेकिन संजू सैमसन ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि बड़े मंच पर शांत रहकर भी खिलाड़ी टीम के लिए साइलेंट मैच विनर बन सकता है। | |
|---|---|
| याद कीजिए वो वक्त जब साउथ अफ्रीका के हाथों भारत की शर्मनाक हार के बाद ऐसा लग रहा था कि शायद भारत अब सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच सकेगा और उसके बाद उदय हुआ संजू सैमसन नाम का सूरज जिसकी ताप से पूरे विश्व की टीमें त्राहि माम त्राहि माम करने लगीं। सुपर 8 में वेस्ट इंडीज की टीम के सामने जब भारतीय टीम की क्षमता पर सवाल उठने लगे। अभिषेक शर्मा की लगातार असफलता से टीम इंडिया कमजोर सी दिखने लगी ऐसे में संजू ने 97 रनों की नाबाद पारी खेलकर न सिर्फ वो मैच जिताया बल्कि भारतीय टीम में एक नई ऊर्जा का संचार करते हुए ये उम्मीद दिलाई कि अभी भी भारत इस विश्व कप को जीत सकता है। क्रिकेट विशेषज्ञों ने संजू सैमसन की इस शानदार पारी की भूरि भूरि प्रशंसा की पर टीम पर ये सवाल भी उठाया कि अब सेमीफाइनल में इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के सामने भारत कैसे जीतेगा। ऐसे में संजू सैमसन ने एक बार फिर अंगद के पांव की तरह विकेट पर अपना पांव जमाया और एक बार फिर 89 रन की एक शानदार पारी खेली। इस बार भी उन्होंने अपने शतक की परवाह न करते हुए धुंआधार बैटिंग की और भारत को फाइनल में पहुंचा दिया। हालांकि इस मैच में भारी भरकम स्कोर बनाने के बाद भी इंग्लैंड के खिलाड़ी बेथल ने भारत को हार की तरफ धकेल दिया था। वो तो कुदरत का करिश्मा जसप्रीत बुमराह के 2 ओवर्स और हार्दिक पांड्या के एक ओवर ने बाजी एक बार फिर पलट दी और भारत को फाइनल में पहुंचा दिया। पर इस जीत का आधार भी संजू सैमसन ने ही रखा था। और फिर आया न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप का वो फाइनल मैच जहां आंकड़े पूरी तरह से भारत के खिलाफ थे और न्यूजीलैंड के खिलाड़ी माइंड गेम खेल रहे थे। सारे क्रिकेट विशेषज्ञों के हिसाब से न्यूज़ीलैंड टीम का पलड़ा भारी दिख रहा था। सबको अहमदाबाद में 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों भारत की शर्मनाक हार की यादें दिख रही थीं तो वहीं टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड का भारत के खिलाफ अपराजित रहने का रिकॉर्ड भी डरा रहा था। ऊपर से फाइनल मैच रविवार को था और अब तक रविवार को भारत कोई भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत सका था। इन सबसे बड़ा संकट ये कि न तो टी20 क्रिकेट में वर्ल्ड का नंबर एक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा चल रहे थे और न ही टी20 में वर्ल्ड के नंबर एक गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती ही कोई कमाल दिखा पा रहे थे। ऐसे में फाइनल में संजू सैमसन ने एक बार फिर शेर की दहाड़ लगाई और 89 रनों की शानदार पारी खेल डाली। इस दौरान संजू ने पहले विकेट के लिए अभिषेक शर्मा के साथ और दूसरे विकेट के लिए ईशान किशन के साथ दो ऐसी साझेदारियां कर डाली जिससे भारत 255 रनों का पहाड़ सरीखा टोटल खड़ा करने में कामयाब रहा। यहां एक बार फिर संजू सैमसन अपने शतक की परवाह न करते हुए तेज खेलते हुए कैच आउट हो गए। और फिर बाकी का काम शिवम दुबे, जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल ने कर डाला और सारे विपरीत आंकड़ों को गलत साबित करते हुए भारत को लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन बना दिया। | |
| भारत की इस ऐतिहासिक जीत में संजू सैमसन का ये योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा। | |




