समाधान दिवस : सुनवाई की भीड़, निस्तारण में सुस्ती
150 शिकायतें, मौके पर सिर्फ 10 का हल, प्रशासन के दावों पर सवाल
अखिलानंद तिवारी
बलिया। जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस एक बार फिर कागजी सक्रियता और जमीनी हकीकत के बीच फंसा नजर आया। बेल्थरारोड तहसील में शनिवार को डीएम मंगला प्रसाद सिंह और एसपी ओमवीर सिंह ने फरियादियों की लंबी कतार के बीच शिकायतें तो सुनीं, लेकिन मौके पर निस्तारण के आंकड़े ने व्यवस्था की रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए।
भूमि कब्जा, वरासत, स्मार्ट मीटर और निर्माण विवाद जैसे गंभीर मामलों की भरमार रही। जमुना देवी की जमीन कब्जे की शिकायत पर डीएम ने तत्काल जांच के निर्देश दिए, वहीं हल्दी रामपुर की चकनाली समस्या पर टीम गठित करने को कहा गया।
हालांकि 150 में से सिर्फ 10 मामलों का मौके पर निस्तारण इस बात का संकेत है कि “तत्काल समाधान” का दावा अभी अधूरा है। अधिकारियों ने बाकी मामलों में कार्रवाई का भरोसा जरूर दिया, लेकिन असली परीक्षा अब आदेशों के क्रियान्वयन की है।
क्या कहते हैं आंकड़े ?
कुल आवेदन: 150
मौके पर निस्तारण: 10
लंबित: 140
बड़ा सवाल..
क्या समाधान दिवस सिर्फ सुनवाई तक सीमित रह जाएगा या वाकई जमीन पर बदलाव दिखेगा ?



