126वीं जयंती की पूर्व संध्या पर ‘मैं गया प्रसाद हूँ’ का फर्स्ट लुक जारी, 15 अगस्त को होगी लॉन्च
कानपुर। स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जनमानस फाउंडेशन ने क्रांतिकारी डॉ. गया प्रसाद कटियार के जीवन पर आधारित फिल्म “मैं गया प्रसाद हूँ…” का फर्स्ट लुक पोस्टर शुक्रवार को उनकी 126वीं जयंती की पूर्व संध्या पर सिविल लाइंस में जारी किया। कार्यक्रम में इतिहास, रंगमंच और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
क्रांतिकारी इतिहास को पर्दे पर लाने की पहल
फाउंडेशन के निदेशक प्रखर श्रीवास्तव ने बताया कि यह फिल्म हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के प्रमुख सदस्य, लाहौर षड्यंत्र केस के अभियुक्त, बम निर्माण विशेषज्ञ और काला पानी की सजा भुगतने वाले क्रांतिकारी डॉ. गया प्रसाद कटियार के संघर्षमय जीवन पर आधारित है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को अपेक्षित पहचान नहीं मिल सकी, जबकि उन्होंने भगत सिंह और चंद्रशेखर आज़ाद जैसे क्रांतिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की आजादी के लिए संघर्ष किया।
15 अगस्त को होगी फिल्म की लॉन्चिंग
कार्यक्रम में मौजूद भारतेंदु नाट्य अकादमी की कार्यकारिणी के सदस्य ओमेन्द्र कुमार ने बताया कि फिल्म का आधिकारिक लॉन्च 15 अगस्त को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिल्म में कानपुर की क्रांतिकारी गतिविधियों, स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण प्रसंगों और उन ऐतिहासिक किरदारों को प्रमुखता से दिखाया गया है, जिनका योगदान समय के साथ धूमिल होता चला गया।


पोस्टर में दिखी क्रांति की झलक
वरिष्ठ रंगकर्मी संजीबा ने बताया कि पोस्टर में “भगत सिंह के गुमनाम साथी की कहानी” टैगलाइन के साथ डॉ. गया प्रसाद कटियार का प्रभावशाली चित्र उकेरा गया है। पोस्टर की पृष्ठभूमि में भगत सिंह, सेल्यूलर जेल (अंडमान-निकोबार), ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा और स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न दृश्य दिखाई देते हैं, जो फिल्म के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हैं।
युवा पीढ़ी को मिलेगा प्रेरणादायी इतिहास
डॉ. गया प्रसाद कटियार के पुत्र क्रांति कटियार ने कहा कि यह फिल्म उन क्रांतिकारियों को नई पहचान देने का माध्यम बनेगी, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, लेकिन इतिहास की मुख्यधारा में उनका नाम अपेक्षाकृत कम चर्चा में रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के वास्तविक नायकों से परिचित कराएगी।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में डॉ. सुमन बाला, डॉ. सनिल सन्नी, प्रो. बृजेश सिंह, संचित गुप्ता सहित अनेक शिक्षाविद, कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गुमनाम क्रांतिकारियों को मिलेगी नई पहचान
फिल्म “मैं गया प्रसाद हूँ…” को केवल एक सिनेमाई प्रस्तुति नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के उन अध्यायों को सामने लाने का प्रयास माना जा रहा है, जिन्हें समय के साथ भुला दिया गया। कानपुर की क्रांतिकारी विरासत को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।







