तराई के पांच जिलों में बारिश का यलो अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ गई है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कमजोर पड़ने से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले चार दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना कम हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को लखनऊ सहित करीब 60 जिलों में बारिश के आसार नहीं हैं, जबकि पूर्वी तराई के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
इन जिलों में बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज और सिद्धार्थनगर समेत पूर्वी तराई के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
लखनऊ समेत अधिकांश जिलों में बढ़ेगी उमस
राजधानी लखनऊ सहित पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की धूप और बादलों की आवाजाही के बीच उमसभरी गर्मी लोगों को परेशान करेगी। बारिश न होने के कारण तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
चार-पांच डिग्री तक बढ़ सकता है तापमान
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब कमजोर होने से मानसूनी गतिविधियां सीमित हो गई हैं। इसके चलते अगले चार दिनों तक प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में बारिश में ठहराव रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। हालांकि, कुछ स्थानों पर छिटपुट हल्की बारिश से इनकार नहीं किया जा सकता।
लखनऊ में सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा पारा
सोमवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग तीन डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।
महराजगंज में सबसे अधिक बारिश
हालांकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का असर कमजोर रहा, लेकिन सोमवार को महराजगंज जिले में सबसे अधिक 130 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल पूर्वी तराई को छोड़कर बाकी प्रदेश में मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी रहेंगी।







