मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ, मखौड़ा धाम समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले 13 मार्ग होंगे विकसित
गोंडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोंडा दौरे के दौरान देवीपाटन और बस्ती मंडल के विकास को नई गति देने वाले कई अहम फैसले लिए। महज 13 दिनों के भीतर दूसरी बार गोंडा पहुंचे मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए 4901.65 करोड़ रुपये की एक हजार से अधिक विकास परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की। इनमें धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण संपर्क मार्ग, पुल-सेतु निर्माण और सड़क चौड़ीकरण जैसी योजनाएं प्रमुख हैं।
धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
मुख्यमंत्री ने मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ, स्वामीनारायण मंदिर, बस्ती के मखौड़ा धाम और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए 13 महत्वपूर्ण मार्गों के विकास को स्वीकृति दी। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
33 विधानसभा क्षेत्रों की परियोजनाओं पर हुआ मंथन
महाराजा सुहेलदेव सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने देवीपाटन और बस्ती मंडल के 33 विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त विकास प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण देखा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लगभग 50-50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लेने के साथ ही लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए गए।
ग्रामीण सड़कों के लिए सबसे बड़ी मंजूरी
बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सर्वाधिक 810 परियोजनाओं को मंजूरी मिली। इन कार्यों पर करीब 1472.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत लगभग 1602 किलोमीटर नई और बेहतर ग्रामीण सड़कें विकसित की जाएंगी, जिससे गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
औद्योगिक क्षेत्रों और शहरों को भी मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने दो राज्य राजमार्गों के उन्नयन, औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुधारने, 81 लघु सेतु और सात बड़े पुलों के निर्माण को भी स्वीकृति दी। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में यातायात सुगम बनाने के लिए बाईपास, ओवरब्रिज और सड़क चौड़ीकरण की योजनाओं को भी हरी झंडी मिली।
गड्ढामुक्त सड़कों और हेलीपैड निर्माण पर भी जोर
समीक्षा बैठक में गड्ढामुक्त अभियान की प्रगति का भी आकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने जर्जर सड़कों की मरम्मत और चौड़ीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में 12 नए हेलीपैड निर्माण को भी मंजूरी दी गई।
विकास और धार्मिक पर्यटन का संयुक्त रोडमैप
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री की यह पहल केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि देवीपाटन और बस्ती मंडल को धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण विकास और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ और मखौड़ा धाम जैसे धार्मिक स्थलों तक बेहतर पहुंच बनने से आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है।







