करंडा बवाल पर भड़के बलिया सांसद सनातन पांडेय, बोले– “एसपी के कंधे से अशोक चक्र हटा दीजिए, तब समझ आएगी हैसियत”
करंडा बवाल पर भड़के बलिया सांसद सनातन पांडेय, एसपी पर लगाए गंभीर आरोप
अभिषेक कुमार सिंह
गाजीपुर। करंडा थाना क्षेत्र में नाबालिग बेटी की मौत के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुए विवाद और हिंसा को लेकर बलिया लोकसभा से सपा सांसद सनातन पाण्डेय ने जिला प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को गाजीपुर जिला अस्पताल पहुंचे सांसद ने घटना में घायल सपा नेताओं से मुलाकात की और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला।
सांसद सनातन पांडेय ने कहा कि करंडा इलाके में 16 वर्षीय किशोरी निशा विश्वकर्मा के साथ पहले दुष्कर्म और फिर हत्या कर शव को गंगा नदी में फेंकने की घटना बेहद दर्दनाक है। इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने और उन्हें सांत्वना देने के लिए गांव जा रहा था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं का पीड़ित परिवार से मिलना और संवेदना व्यक्त करना स्वाभाविक है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही और कुछ असामाजिक तत्वों की वजह से माहौल बिगड़ गया।
सांसद के अनुसार जब प्रतिनिधिमंडल गांव की ओर बढ़ रहा था तो रास्ते में ही कुछ लोगों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद जमकर ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चले। इस घटना में समाजवादी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता घायल हो गए। घायलों में पूर्व मंत्री रामाश्रय विश्वकर्मा भी शामिल हैं, जिनके सिर में पत्थर लगने से गंभीर चोट आई है और उनका इलाज गाजीपुर जिला अस्पताल में चल रहा है।
घायलों से मिलने पहुंचे सांसद सनातन पांडेय ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी बदलवा दी गई है और हत्या के मामले को डूबने से मौत बताने की कोशिश की जा रही है। सांसद ने कहा कि यह सब पहले से ही तैयार की गई योजना का हिस्सा प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि पहले जिला प्रशासन के पदों का अपना एक सम्मान होता था और जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक निष्पक्ष होकर काम करते थे, लेकिन अब प्रशासन सत्ता के दबाव में काम कर रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
सांसद ने गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “यहां के एसपी के कंधे पर उत्तर प्रदेश सरकार का अशोक चक्र लगा हुआ है। यदि वह अपने पद की जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे हैं तो उनके कंधे से वह अशोक चक्र हटा देना चाहिए। यदि ऐसी घटना उनके परिवार या रिश्तेदारों के साथ हो जाए तो उन्हें अपने पद और जिम्मेदारी का एहसास हो जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन को पहले से सूचना थी कि समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा है। ऐसे में प्रशासन को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने चाहिए थे ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो।
सांसद ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।




