मुजफ्फरनगर। सावन की आस्था और भगवान शिव के प्रति भक्ति का एक ऐसा नजारा मुजफ्फरनगर में देखने को मिला, जिसने राह चलते लोगों का ध्यान खींच लिया। 60 वर्षीय परशुराम बीमारी से जूझ रहे हैं और उन्हें सांस लेने में परेशानी रहती है, लेकिन इसके बावजूद उनकी शिव भक्ति का संकल्प कमजोर नहीं पड़ा। वह दो ऑक्सीजन सिलेंडर साथ लेकर स्कूटी से कांवड़ यात्रा पर निकले। उम्र और बीमारी की परवाह किए बिना यात्रा पूरी करने का उनका जज्बा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
परशुराम ने बताया कि भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था काफी पुरानी है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण उनके लिए लंबी यात्रा करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने कांवड़ लाने का फैसला किया। सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए वह अपने साथ दो ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर चले। स्कूटी पर सिलेंडर रखकर यात्रा करते हुए जब वह रास्ते से गुजरे तो कई लोगों ने रुककर उनके बारे में जानकारी ली और उनके हौसले की सराहना की।
उनकी यात्रा में भक्ति के साथ एक अलग तरह का आत्मविश्वास भी नजर आया। परशुराम का कहना है कि बीमारी अपनी जगह है, लेकिन भगवान शिव के प्रति विश्वास उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है। वह सावधानी के साथ यात्रा कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर आराम भी करते हैं। उनके इस प्रयास ने यह दिखाया कि उम्र और मुश्किल परिस्थितियां भी कई बार इंसान के हौसले को रोक नहीं पातीं।
मुजफ्फरनगर में परशुराम की यह कांवड़ यात्रा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ आमतौर पर सांस संबंधी बीमारी से जूझ रहे लोगों को लंबी और शारीरिक रूप से कठिन यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। परशुराम की आस्था और जज्बे ने लोगों को जरूर प्रभावित किया है, लेकिन ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।






