रायबरेली: जमीन विवाद में एसडीएम पर सांठगांठ कर कब्जा कराने का आरोप, पीड़ित ने डीएम से लगाई गुहार
रायबरेली। सलोन तहसील के डीह थाना क्षेत्र स्थित मऊ चौराहे पर भूमि विवाद को लेकर एसडीएम मिथिलेश कुमार त्रिपाठी पर विपक्षी पक्ष से सांठगांठ कर भारी रकम लेकर कब्जा कराने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित का कहना है कि न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के स्पष्ट आदेश के बावजूद विपक्षी पक्ष धनबल के सहारे निर्माण कार्य करा रहा है।
नसीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम जमालपुर हुरैया निवासी अर्जुन कुमार, पुत्र स्वर्गीय जगदेव प्रसाद, ने 22 और 23 जुलाई को जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि डीह क्षेत्र के मऊ चौराहा स्थित नहर से सटी गाटा संख्या 2832, रकबा 0.093 हेक्टेयर भूमि उन्होंने बैनामे के माध्यम से खरीदी थी। इस भूमि में तीन हिस्सेदार थे, जिनमें अर्जुन कुमार, रामेश्वर निवासी नसीराबाद तथा सुशीला पत्नी दुर्गेश निवासी मऊ शामिल थीं। अर्जुन कुमार का दावा है कि उन्होंने रामेश्वर का हिस्सा भी खरीद लिया था, जिससे भूमि में वह और सुशीला बराबर के हिस्सेदार हो गए।
पीड़ित के अनुसार, 23 मई 2026 को विपक्षी पक्ष ने अपने हिस्से में मकान निर्माण शुरू करने के साथ-साथ करीब सात फीट से अधिक भूमि पर अतिक्रमण कर उनके हिस्से में भी कब्जा कर लिया। इसकी जानकारी होने पर उन्होंने थाना, तहसील दिवस, एसडीएम तथा डीएम को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण लेते हुए वाद दायर किया।
न्यायालय ने यथास्थिति बनाए रखने का दिया निर्देश
पीड़ित के अनुसार, न्यायालय ने मकान निर्माण कराने वाले आशुतोष, सुशीला एवं अन्य को 28 जुलाई 2026 के लिए नोटिस जारी किया है तथा अंतिम निर्णय तक किसी भी पक्ष को निर्माण कार्य न करने और यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। आरोप है कि विपक्षी पक्ष न्यायालय के आदेश का पालन नहीं कर रहा है। वहीं, एसडीएम और पुलिस पर भी कब्जा कराने में सहयोग करने का आरोप लगाया गया है।
खातेदारों की हिस्सेदारी को लेकर विवाद
पीड़ित का कहना है कि संबंधित भूमि का हाईवे की ओर का फ्रंट लगभग 48 फीट तथा पीछे की लंबाई 210 फीट है। इसमें उनके हिस्से में 24 फीट फ्रंट और 210 फीट पीछे की भूमि आती है। आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने उनके हिस्से की लगभग सात फीट भूमि पर जबरन कब्जा कर मकान निर्माण कर लिया है। शेष बची भूमि पर नहर विभाग द्वारा पोल लगाए जाने के कारण उपयोग नहीं हो पा रहा है, जिससे मौके पर उनके हिस्से में केवल 13 फीट भूमि ही शेष रह गई है।
एसडीएम पर नियमों की अनदेखी का आरोप
वादी ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चिट्ठी बंटवारे के बाद नियमानुसार नाप-जोख और इजराय कार्रवाई नहीं कराई गई। उनका आरोप है कि विपक्षी पक्ष और एसडीएम के बीच रिश्तेदारी होने के कारण नियमों को दरकिनार किया गया है।
एसडीएम ने आरोपों को बताया निराधार
इस संबंध में जिलाधिकारी के सरकारी नंबर पर संपर्क करने पर पीआरओ ने बताया कि जिलाधिकारी बैठक में व्यस्त हैं। मामले से अवगत कराने पर आश्वासन दिया गया कि शिकायत की जानकारी उन्हें दे दी जाएगी। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक जिलाधिकारी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।
वहीं, एसडीएम मिथिलेश कुमार त्रिपाठी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वादी की भूमि पर कोई कब्जा नहीं हो रहा है और उनके खिलाफ की जा रही शिकायतें निराधार हैं।







