अलीगंज। वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती पर रविवार को अमरोली रतनपुर गांव का माहौल देशभक्ति से सराबोर नजर आया। रानी अवंतीबाई की प्रतिमा पर लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके साहस, त्याग व बलिदान को याद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और लोधी समाज के लोग पहुंचे। रानी अवंतीबाई के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा और लोगों ने उनकी वीरता को नमन किया।
कार्यक्रम में जिला मंत्री गोपाल शर्मा ने कहा कि रानी अवंतीबाई ने अंग्रेजी हुकूमत के सामने झुकने के बजाय मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष का रास्ता चुना। उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान से आज की युवा पीढ़ी को भी प्रेरणा मिलती है। कैलाश मंडल प्रभारी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि रानी अवंतीबाई का शौर्य भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने अपने त्याग और संघर्ष से आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा उदाहरण छोड़ा, जिसे समाज हमेशा याद रखेगा।
वक्ताओं ने बताया कि रानी अवंतीबाई लोधी का जन्म 16 अगस्त 1831 को मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था। बचपन से ही उनमें साहस और निडरता के गुण थे तथा उन्होंने घुड़सवारी और तलवारबाजी का प्रशिक्षण लिया। अंग्रेजी शासन की नीतियों के खिलाफ उन्होंने मोर्चा संभाला और मातृभूमि की रक्षा के लिए अंतिम समय तक संघर्ष किया। उनके बलिदान को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।
जिला उपाध्यक्ष कुमारी आशीष राजपूत ने कहा कि रानी अवंतीबाई का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की मिसाल है। उन्होंने कहा कि जयंती मनाने का सही अर्थ तभी है, जब हम उनके आदर्शों और संघर्ष को अपने जीवन में उतारें और नई पीढ़ी को उनके गौरवशाली इतिहास से परिचित कराएं। कार्यक्रम में संयोजक दिलीप कुमार राजपूत पूर्व प्रधान, प्रदीप कुमार राजपूत, संजीव कुमार राजपूत एडवोकेट, नवीन कुमार राजपूत, डॉ. रामप्रकाश राजपूत, श्याम सिंह राजपूत, इंद्रजीत सिंह, विनोद कुमार पीसी, अतिराज, प्रमोद कुमार सिंह, सुरेंद्र कुमार, मनोज कुमार, बलवीर सिंह, ज्ञान सिंह, छविनाथ सिंह, डॉ. सत्यभान सिंह फौजी, राजकिशोर, इंजीनियर लवलेश कुमार, अंकित कुमार एडवोकेट, मोहित, दीपक, अनिल, अभय, अमृत, आयुष, जैमिनी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।






















