श्रावस्ती के हरदत्त नगर गिरंट वन क्षेत्र के सुजानडीह बीट में जंगल से बेशकीमती साखू का पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वन माफियाओं ने कम्पार्टमेंट नंबर-3 में लगे पेड़ को काटकर उसकी लकड़ी मौके से गायब कर दी। जंगल के भीतर हुई इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
मामले को लेकर हरदत्त नगर गिरंट के क्षेत्रीय वनाधिकारी हरिनारायण सिंह ने जानकारी होने से इनकार किया है। वहीं वनदरोगा तौफीक खान ने जांच के दौरान एक साखू का पेड़ काटे जाने की पुष्टि की है। वन विभाग की टीम अब मामले की पड़ताल कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पेड़ कब और किसने काटा।
हरदत्त नगर गिरंट जंगल में अवैध कटान का यह पहला मामला नहीं बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, करीब एक महीने पहले औसानकुण्डी बीट से भी दो सागौन के पेड़ काटे जाने की बात सामने आई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने जंगल की सुरक्षा और नियमित निगरानी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि वन क्षेत्र में कीमती पेड़ों की कटान के बाद लकड़ी गायब हो जाती है और जिम्मेदारों को इसकी जानकारी बाद में मिलती है। फिलहाल वन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि साखू का पेड़ किसने काटा और लकड़ी कहां ले जाई गई। अब देखना यह होगा कि जांच में क्या सामने आता है और अवैध कटान के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।





















