सुल्तानपुर। जिले के आईरी फिरोजपुर गांव में बुधवार को पावर हाउस पर तैनात कर्मचारियों के साथ मारपीट और पुलिस टीम के साथ अभद्रता का मामला सामने आने के बाद तनाव की स्थिति बन गई। आरोप है कि विवाद के दौरान कुछ लोगों ने पावर हाउस कर्मचारी अजय तिवारी को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की। घटना के दौरान एक वाहन में आग लगाए जाने और पुलिस के वाहन में तोड़फोड़ किए जाने की भी बात सामने आई है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
विवाद के बाद बिगड़े हालात
स्थानीय लोगों के अनुसार, पावर हाउस में किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने कर्मचारी अजय तिवारी के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उन्हें कुछ समय के लिए बंधक भी बनाया गया। विवाद बढ़ने पर मौके पर भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान एक वाहन में आग लगाए जाने की सूचना मिली। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो उसके साथ भी अभद्रता किए जाने और मारपीट की कोशिश का आरोप है। पुलिस के एक वाहन में तोड़फोड़ और आगजनी किए जाने की बात भी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। एहतियातन इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
घायल कर्मचारी के इलाज को लेकर परिजनों ने उठाए सवाल
घटना में घायल बिजली कर्मचारी अजय तिवारी के परिजनों ने उनके इलाज को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि मारपीट में कर्मचारी के शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं और सूजन है। कान से खून आने की शिकायत भी बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि गंभीर चोटों के बावजूद उनका समुचित चिकित्सकीय परीक्षण और इलाज नहीं कराया जा रहा है। उनका कहना है कि बेहतर उपचार के लिए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किए जाने की जरूरत है, लेकिन इस दिशा में भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, घायल कर्मचारी की चिकित्सकीय स्थिति और इलाज से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अधिकारियों से संपर्क की कोशिश
मामले को लेकर जब पत्रकारों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया तो फोन पर बात नहीं हो सकी। वहीं, पुलिस अधिकारियों से भी घटना में हुई कार्रवाई को लेकर जानकारी लेने की कोशिश की गई। कई प्रयासों के बाद एडिशनल एसपी से संपर्क हुआ। उनसे मामले में की जा रही कार्रवाई को लेकर सवाल किया गया, लेकिन तत्काल विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी।
पुलिस ने कहा- निष्पक्ष जांच जारी
घटना के बाद प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






