उन्नाव। लखनऊ से कानपुर के बीच (उन्नाव के आजाद मार्ग चौराहा तक) बने नए एक्सप्रेसवे पर विभिन्न श्रेणी के वाहनों के लिए टोल शुल्क निर्धारित कर दिया गया है। यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा का समय कम करेगा, बल्कि उन्नाव में औद्योगिक और रियल एस्टेट विकास को भी नई गति देगा।
वाहनों के लिए टोल शुल्क
| वाहन श्रेणी | एकल यात्रा (रुपये) | एक दिन में वापसी यात्रा (रुपये) | मासिक पास (रुपये) |
|---|---|---|---|
| कार, जीप, वैन या हल्का मोटर वाहन | 285 | 425 | 9,450 |
| हल्का वाणिज्यिक वाहन, हल्का माल वाहन या मिनी बस | 460 | 685 | 15,270 |
| बस या ट्रक (दो एक्सल) | 960 | 1,440 | 31,990 |
| तीन एक्सल वाणिज्यिक वाहन | 1,045 | 1,570 | 34,900 |
| चार से छह एक्सल वाहन | 1,505 | 2,260 | 50,170 |
| सात या उससे अधिक एक्सल के अत्यधिक बड़े वाहन | 1,830 | 2,750 | 61,075 |
नोट: उपलब्ध जानकारी में “बस या ट्रक (दो एक्सल)” के एकल यात्रा शुल्क में टाइपिंग त्रुटि प्रतीत होती है। यहां शुल्क 960 रुपये के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जबकि वापसी शुल्क और अन्य श्रेणियों के अनुरूप यही आंकड़ा तार्किक है।
132 हेक्टेयर में विकसित हो रहा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
एक्सप्रेसवे के किनारे सदर तहसील के सराय कटियान गांव के पास 132 हेक्टेयर क्षेत्र में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने इसके आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 186 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
दूसरे चरण में इस औद्योगिक गलियारे का विस्तार 316 हेक्टेयर तक करने की योजना है। जिला प्रशासन यहां सड़क, बिजली, पानी, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी), पेट्रोल पंप समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास करा रहा है।
विदेशी निवेश और रोजगार की संभावनाएं
प्रशासन के अनुसार औद्योगिक गलियारे में कई विदेशी कंपनियां अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं। इसके विकसित होने के बाद जिले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
वहीं एक्सप्रेसवे के आसपास रियल एस्टेट क्षेत्र में भी तेजी आने की उम्मीद है। कई निजी डेवलपर्स शहर और आसपास के क्षेत्रों में नई टाउनशिप विकसित करने की योजनाओं पर काम कर रहे हैं।








