रायबरेली:में वाहन कर (रोड टैक्स) की बकाया राशि वसूलने के लिए परिवहन विभाग ने बड़े स्तर पर सख्त अभियान शुरू कर दिया। लंबे समय से वाहन कर जमा न करने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ अब विभाग कार्रवाई के लिए शिकंजा कसने लगा है।
एआरटीओ (प्रशासन) अरविंद यादव के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत बड़े बकायेदारों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से नोटिस भेजे जा रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट कर दिया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कर जमा नहीं करने वाले वाहनों को विशेष अभियान चलाकर सड़क पर ही सीज किया जाएगा।परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार रायबरेली में 3,799 ऐसे वाहन चिन्हित किए गए हैं, जिन पर 20 हजार रुपये या उससे अधिक का वाहन कर बकाया गया है। इन वाहनों पर कुल 36 करोड़ 92 लाख रुपये का राजस्व लंबित है। शासन के निर्देशों के अनुपालन में बकाया कर की वसूली तेज करने के लिए विभाग ने व्यापक रणनीति तैयार की है और अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। एआरटीओ (प्रशासन) अरविंद यादव ने बताया कि, नोटिस प्राप्त होने के बाद वाहन स्वामियों को 15 दिन का अंतिम अवसर दिया जाएगा। यदि इस अवधि में बकाया कर जमा नहीं किया गया तो ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई नहीं बरती जाएगी। यदि कोई वाहन स्वामी कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से अपने वाहन को छिपाने या विभागीय कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध जिलाधिकारी के माध्यम से रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी कराया जाएगा। इसके बाद भू-राजस्व की भांति कानूनी प्रक्रिया अपनाकर बकाया कर की वसूली सुनिश्चित की जाएगी। परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे समय रहते अपने वाहन के कर की स्थिति की जांच कर लें और यदि कोई बकाया है तो उसे तत्काल जमा करा दें। इससे वाहन सीज होने, आर्थिक दंड और अन्य कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकेगा। एआरटीओ अरविंद यादव की पारदर्शी कार्यशैली और सख्त प्रशासनिक रुख के चलते जनपद में राजस्व वसूली अभियान को नई गति मिली है। विभाग की सक्रियता से जहां कर चोरी पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है, वहीं नियमों के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई किए जाने की जिम्मेदार नागरिकों द्वारा सराहना भी की जा रही है।








