उन्नाव। जिले का बेसिक शिक्षा विभाग उधार की बिल्डिंग में चल रहा है। 39 साल पहले बनना शुरू हुआ कार्यालय का भवन, दो बार एस्टीमेट रिवाइज करने और 49.09 लाख रुपये से ज्यादा खर्च के बाद भी पूरा नहीं बन सका। बिल्डिंग जर्जर घोषित कर दी गई अब 4.70 करोड़ रुपये से नए भवन का निर्माण कराया जा रहा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में चल रहे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लिए अलग भवन के लिए 31 जुलाई 1987 को सरकार ने स्वीकृति दी थी। पीडब्ल्यूडी के 25.48 लाख रुपये के एस्टीमेट को स्वीकृत करते हुए शासन ने वर्ष 1994-95 में 7.058 लाख रुपये जारी किए। बजट मिलने में देरी से कार्यालय भवन की लागत बढ़ती गई। पीडब्ल्यूडी ने काम पूरा कराने के लिए 10 अगस्त 1998 को एस्टीमेट में 12.74 लाख रुपये खर्च बढ़ाते हुए 38.22 लाख रुपये का पुनरीक्षित एस्टीमेट स्वीकृत कराया।
हालांकि एक बार फिर बजट में कई साल की देरी से लागत बढ़ गई तो वर्ष 2002 में फिर एस्टीमेट में 36.35 लाख रुपये की बढ़ोतरी कर 74.57 लाख रुपये का संशोधित एस्टीमेट स्वीकृत कराया। जैसे-तैसे दो मंजिला इमारत का ढांचा तो बन गया लेकिन फिनिशिंग का काम नहीं हो सका और धीरे-धीरे इमारत खंडहर हो गई। शिक्षक विधायक राज बहादुर सिंह चंदेल की लगातार पैरवी के बाद शासन ने बीएसए कार्यालय के लिए डायट के पास नई बिल्डिंग बनाने की स्वीकृति दी है। इस पर चार करोड़ 70 लाख 96 हजार रुपये हो रहे हैं।
पीतांबर नगर मोहल्ले में कार्यालय की नई बिल्डिंग बन रही है। अभी काम पूरा होने में करीब छह महीने का समय लगेगा। बिल्डिंग बनकर तैयार होने के बाद कार्यालय को उसी बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया जाएगा। -शैलेश कुमार पांडेय. बीएसए।








