मृतकों में 5 बच्चे शामिल
ढाका, 7 जुलाई 2026। पूर्वी बांग्लादेश में लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कम से कम आठ रोहिंग्या शरणार्थियों की मौत हो गई। मृतकों में पांच बच्चे शामिल हैं, जबकि दो अन्य बच्चे घायल हुए हैं। यह हादसा कॉक्स बाजार जिले के रोहिंग्या शरणार्थी शिविरों में हुआ, जहां लगातार बारिश के चलते कई पहाड़ियां ढह गईं।
कई जगहों पर हुए भूस्खलन
फायर सर्विस और सिविल डिफेंस के अधिकारियों के अनुसार, रविवार देर रात से सोमवार सुबह के बीच कैंप क्षेत्र में कम से कम चार स्थानों पर भूस्खलन हुआ। लगातार बारिश और पहाड़ी ढलानों से तेज बहाव के कारण मिट्टी कमजोर हो गई, जिससे कच्चे घर मलबे में दब गए। अधिकांश लोग उस समय सो रहे थे।
बचाव दल ने सात शव बरामद किए, जबकि आठवां शव स्थानीय शरणार्थियों को मिला। सभी शव आवश्यक औपचारिकताओं के बाद परिजनों को सौंप दिए गए।
1,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
प्रशासन ने भूस्खलन की आशंका वाले पहाड़ी इलाकों से लोगों को हटाने का अभियान तेज कर दिया है। अब तक लगभग 1,000 शरणार्थियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे खतरा अभी बना हुआ है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के अनुसार, वर्ष 2021 से 2026 के बीच रोहिंग्या शरणार्थी शिविरों में भूस्खलन और संबंधित हादसों में 36 शरणार्थियों की मौत हो चुकी है, जबकि 86 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
दुनिया के सबसे बड़े शरणार्थी शिविरों में से एक
बांग्लादेश के कॉक्स बाजार क्षेत्र में म्यांमार से विस्थापित 10 लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे हैं। इनमें से अधिकांश लोग पहाड़ी ढलानों पर बने अस्थायी और कच्चे आश्रयों में रहते हैं, जो मानसून के दौरान भूस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं।








