सना एयरपोर्ट पर ईरानी विमान की लैंडिंग रोकने का आरोप; अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच तेल बाजार में बनी राहत।
नई दिल्ली। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरानी नागरिक विमानों की सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आवाजाही में बाधा डाली गई तो सऊदी अरब के हवाई अड्डों और अन्य रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
हूती संगठन के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को सऊदी लड़ाकू विमानों ने एक ईरानी यात्री विमान को सना हवाई अड्डे पर उतरने से रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यदि यमन के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन जारी रहा तो संगठन सऊदी अरब के हवाई अड्डों के साथ-साथ उसके जमीनी और समुद्री हितों पर भी हमला करेगा।
हूती विद्रोहियों ने स्पष्ट किया कि संभावित परिणामों की परवाह किए बिना सना और तेहरान के बीच उड़ानें जारी रहेंगी।
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे कूटनीतिक प्रयासों से वैश्विक तेल बाजार में राहत का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड लगभग 71.72 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई करीब 68.47 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता रहा। सप्ताहभर तेल कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया।
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं की जल्द अमेरिका में मुलाकात होने की संभावना जताई जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका-ईरान वार्ता सकारात्मक रहती है तो होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति सामान्य बनी रह सकती है, हालांकि क्षेत्र में तनाव अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
साथ ही, कुवैत का तेल उत्पादन जून में बढ़कर 16.5 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया है। वहीं, सऊदी अरामको ने एशियाई बाजार में दीर्घकालिक अनुबंधों के बजाय स्पॉट बिक्री पर अधिक जोर देना शुरू कर दिया है।








