वाराणसी। सावन के पवित्र महीने में काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। इसी क्रम में शनिवार को श्रृंगार गौरी प्रकरण से जुड़ी महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। सिर पर कलश रखकर महिलाओं ने करीब दो किलोमीटर तक पैदल यात्रा की और बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचकर पूजा-अर्चना की। कलश यात्रा के दौरान महिलाओं ने हर-हर महादेव के जयकारे लगाए। कुछ महिलाओं ने ज्ञानवापी मामले में जल्द न्यायालयीन निर्णय आने की प्रार्थना भी की।
बाबा विश्वनाथ से की प्रार्थना
कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। महिलाओं ने बताया कि वे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने और अपनी मनोकामना लेकर मंदिर पहुंची हैं। उनका कहना था कि न्यायालय में चल रहे मामले में जल्द निर्णय आए, इसी कामना के साथ उन्होंने बाबा के दरबार में पूजा की। महिलाओं ने ज्ञानवापी परिसर से जुड़े अपने दावों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे वहां अपने आराध्य भगवान शिव की उपस्थिति में विश्वास रखती हैं। उन्होंने बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की कि मामले में जल्द फैसला आए और उन्हें वहां पूजा-अर्चना तथा जलाभिषेक का अवसर मिल सके। महिलाओं ने श्रृंगार गौरी के दर्शन और पूजन की अनुमति मिलने की भी कामना की।
यात्रा में अधिवक्ता भी हुए शामिल
कलश यात्रा में ज्ञानवापी मामले से जुड़े अधिवक्ता भी शामिल रहे। यात्रा के दौरान श्रद्धालु लगातार भगवान शिव के जयकारे लगाते रहे। यात्रा समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर के 4बी गेट से प्रवेश कराया गया। सावन के कारण काशी विश्वनाथ मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। मंदिर के बाहर और आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने के साथ सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
ज्ञानवापी मामले में क्या बोले सुभाष नंदन चतुर्वेदी?
मामले से जुड़े सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि ज्ञानवापी से संबंधित मुकदमा बाबा विश्वनाथ से जुड़े धार्मिक अधिकारों के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में मंदिर को नुकसान पहुंचाकर वहां दूसरा धार्मिक ढांचा बनाए जाने की बात इस मामले का प्रमुख आधार है। चतुर्वेदी ने कहा कि उनकी मांग है कि संबंधित स्थल पर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होना चाहिए। उन्होंने इसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने कहा कि कलश यात्रा में शामिल महिलाएं बाबा विश्वनाथ से यही प्रार्थना करने पहुंची थीं कि न्यायालय इस मामले में जल्द निर्णय सुनाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को न्यायालय के फैसले का इंतजार है। मामले से जुड़े दावों और कानूनी पहलुओं पर अंतिम स्थिति न्यायालय के निर्णय से ही स्पष्ट होगी।






