नई दिल्ली/लखनऊ। देश में मंगलवार को छह सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया। इनमें असम की नगांव लोकसभा सीट के अलावा पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर, तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम तथा पुडुचेरी की थट्टांचावडी विधानसभा सीट शामिल हैं। सभी सीटों पर सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।
क्यों हो रहा है उपचुनाव?
इन सभी सीटों पर मौजूदा जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे के बाद पद रिक्त हुए हैं। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दूसरी सीट बरकरार रखने के बाद खाली हुई। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई। तमिलनाडु की मदुरंतकम सीट मारागाथम कुमारवेल और धारापुरम सीट पी. सत्यबामा के इस्तीफे के बाद खाली हुई। दोनों बाद में टीवीके में शामिल हो गए।
पुडुचेरी की थट्टांचावडी सीट मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के इस्तीफे के बाद खाली हुई। उन्होंने दो सीटों से चुनाव जीता था और एक सीट अपने पास रखी। वहीं असम की नगांव लोकसभा सीट कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई। बोरदोलोई बाद में भाजपा में शामिल हुए और विधानसभा चुनाव में दिसपुर से जीत दर्ज की।
नगांव में त्रिकोणीय मुकाबला
असम की नगांव लोकसभा सीट पर भाजपा, कांग्रेस और एआईयूडीएफ के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। भाजपा ने पूर्व आईएएस अधिकारी देबाशीष शर्मा को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने सिबामोनी बोरा और एआईयूडीएफ ने बदरुद्दीन अजमल को उम्मीदवार बनाया है। नगांव सीट भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यहां अल्पसंख्यक मतदाताओं की बड़ी संख्या है।
बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर पर नजर
नंदीग्राम उपचुनाव भाजपा के लिए खासा महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद यहां मुकाबला रोचक हो गया है। वहीं रेजीनगर सीट पर हुमायूं कबीर के बेटे समेत कई उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान से पहले रेजीनगर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
रेजीनगर में मतदान के बाद हुमायूं कबीर ने पुलिस पर कार्रवाई को लेकर आरोप लगाए और चुनाव को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से कराने की मांग की। उनके इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं भी चुनावी माहौल का हिस्सा बनी हुई हैं।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी मुकाबला
तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम सीटों पर टीवीके, डीएमके, एआईएडीएमके और वाम दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। दोनों सीटों पर पूर्व एआईएडीएमके विधायकों के इस्तीफे और टीवीके में शामिल होने के बाद उपचुनाव की स्थिति बनी।
पुडुचेरी की थट्टांचावडी सीट पर भी मुकाबला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह उपचुनाव मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए भी एक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार छह सीटों पर मतदान 6 अक्टूबर को और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।





















