उन्नाव: पहली बारिश में सामने आईं खामियां
पहली तेज बारिश के बाद फिर उजागर हुई निर्माण संबंधी कमियां, कार्यदायी संस्था ने जल्द मरम्मत का दिया भरोसा
उन्नाव। गंगा एक्सप्रेसवे पर पहली तेज बारिश के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। टोल प्लाजा से एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली सड़क धंसने की घटना के बाद अब सोनिक के पास एक्सप्रेसवे के किनारे की मिट्टी बहने और संकेतक गिरने का मामला सामने आया है। कार्यदायी संस्था ने जल्द मरम्मत कराने का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार, मेरठ से प्रयागराज की ओर जाने वाले मार्ग पर किलोमीटर संख्या 421, सोनिक के पास सड़क के किनारे की साइडिंग की मिट्टी बारिश में बह गई। इसी स्थान पर लगाया गया संकेतक भी गिरा मिला। इसके अलावा किनारे बनी जल निकासी नालियों में भी क्षति दिखाई दी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए जहां घास लगाई जानी थी, वहां घास नहीं दिखाई दी, जिससे बारिश के दौरान मिट्टी तेजी से बह गई।
कार्यदायी संस्था पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट मैनेजर सतीश सिंह ने बताया कि पहली बारिश में इस तरह की समस्याएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि जहां मिट्टी बही है, वहां मरम्मत कराई जाएगी। संकेतक गिरने की जानकारी मिलने के बाद उसे भी जल्द ठीक कराया जाएगा।
सोनिक टोल पर हेल्पलाइन नंबर वाले संकेतक नहीं मिले
गंगा एक्सप्रेसवे पर हर दो किलोमीटर पर हेल्पलाइन नंबर वाले संकेतक लगाए जाने का दावा किया गया है, लेकिन सोनिक टोल प्लाजा पर लगे संकेतक बोर्डों पर कोई हेल्पलाइन नंबर अंकित नहीं मिला।
सोनिक टोल मैनेजर गौरव शर्मा ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर सहायता के लिए 14449 हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध है और आपात स्थिति में वाहन चालक इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। हालांकि, मौके पर लगे संकेतक बोर्डों पर यह नंबर दर्ज नहीं मिला, जिससे कार्यदायी संस्था के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
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