वन रक्षक के संरक्षण में काटे जा रहे है सरकारी हरे पेड़।
एटा/जलेसर । स्थानीय वना क्षेत्राधिकारी कार्यालय में तैनात वन रक्षक पर अपने संरक्षण में सरकारी हरी लकड़ी कटवाए जाने शिकायत करने पर भी हरी लकड़ी काटे जानेवालों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं किये जाने तथा सुविधा शुल्क न मिलने पर आंधी में गिरे निजी पेड़ों के मालिकों के विरुद्ध झूठा मुकद्दमा दर्ज कराए जाने के गंभीर आरोप लगाये गए हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायती पत्रों की निष्पक्ष जांच करा कर वन रक्षक के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग भी की गई है।
केस- एक
कोतवाली क्षेत्रांतर्गत गांव गोपालपुर निवासी प्रमोद लोधी पुत्र राजवीर सिंह ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी अरविंद सिंह को शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि गत 30 जून 2026 को गाँव के पास सिरसा नदी व
पटरी पर खडे हरे पेडों को गांव के ही गिरीश चंद्र पुत्र बाल किशन सहित दो नामजद लोगों द्वारा सरकारी वृक्षों को कटवाकर बेच दिया गया है । इसकी सूचना प्रमोद ने वनरक्षक चमन सिंह को दी थीं । लेकिन वन रक्षक चमन सिंह मौके पर तो आये थे मगर आज दिन तक उन्होंने कोई कार्यवाही
नहीं की है। जबकि वन रक्षक चमन सिंह अगर कोई अपने निजी पेड से लकडी भी काट लेता तो सुविधा शुल्क न देने पर तुरन्त कार्यवाही कर देते है। इस घटना के 10 दिन बीत जाने के बावजूद भी वनरक्षक द्वारा आरोपियों के विरुद्ध कोई मुकद्दमा भी दर्ज नहीं कराया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वनरक्षक चमन सिंह के लकड़ माफियाओं के साथ बहुत अच्छा ताल मेल है। जिनकी मिली भगत से वन रक्षक के संरक्षण में सरकारी वृक्ष कट रहे है। शिकायतकर्ता द्वारा जिलाधिकारी से उक्त प्रकरण की जॉच करा कर दंडात्मक कार्रवाई कराए जाने की गुहार लगाई गई है।
केस – दो
वन रक्षक पर झूठा मुकद्दमा दर्ज कराने का आरोप,जांच की मांग।
कोतवाली क्षेत्रांतर्गत गांव गोपालपुर निवासिनी पीड़िता रेखा पत्नी राम अवतार ने जिलाधिकारी अरविंद सिंह को शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि प्रार्थिया के पति मेहनत मज़दूरी करने को बाहर रहते हैं। जिसकी वजह से प्रार्थिया द्वारा पिछले तहसील दिवस में अपने खेत में खड़े लाल कटवाने के
लिये परमीशन लेने के लिये एक प्रार्थना पत्र दिया गया था। प्रार्थिया के पति के नाम पर 194/515है0 भूमि दर्ज है।
जिसके बीच में बकायन के पेड खडे है। एक बकायन का पेड आँधी में गिर गया था। उसको
हटावाने के लिये प्रार्थिया के गाँव में किसी कार्य के लिये जे०सी०बी० मशीन आयी थी तो मुझ प्रार्थिया ने आँधी में गिरे बकायन के पेड़ को हटवाने के लिये जे०सी०बी० मशीन वाले के कहा कि आप हमारे इस पेड को हटाकर दूसरी जगह कर दो जिससे मेरा खेत खाली हो जाए और
खेत को जुतवा सकूँ। तो जे०सी०बी० मशीन वाले ने मुझ प्रार्थिया की मजबूरी समझकर पेड़ को हटाने लगा तभी प्रार्थिया के जेठ ग्रीश बाबू पुत्र बालकिशन एवं एक अन्य व्यक्ति ने मुझ सहित एक वीडियो बना ली। जिसको वन विभाग में दिखाकर वन रक्षक चमन सिंह से सांठ गांठ कर मुझ प्रार्थिया और मेरे जेठ
रामगोपाल और ग्राम के एक व्यक्ति प्रमोद के खिलाफ मुकदमा वन विभाग ने पंजीकृत करा दिया। पीड़िता ने डीएम को बताया कि अगर मैं प्रार्थिया पेड उखडवाना ही चाहती थी तो परमीशन के लिये प्रार्थना पत्र नहीं देती। पीड़िता द्वारा पूर्व में दिये गये प्रार्थना पत्रों की छायाप्रति भी जिलाधिकारी को सौंपी गई। पीड़िता ने जिलाधिकारी से वनरक्षक चमन सिंह द्वारा प्रार्थिया और दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज कराए गए झूठे मुकदमे की निष्पक्ष जाँच कराकर निरस्त कराये जाने तथा वन विभाग को झूठी खबर देने वालों के खिलाफ भी मुकदमा पंजीकृत कराकर उचित कार्यवाही कराने की गुहार लगाई है।








