मुख्यमंत्री के नाम 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा
बस्ती। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश ने खाद्य विभाग की सेम्पलिंग प्रक्रिया में कथित विसंगतियों और व्यापारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के नाम 12 सूत्रीय ज्ञापन सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (ग्रेड-2) को सौंपा। संगठन ने सेम्पलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक सुधार लागू करने की मांग की।
जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने कहा कि सेम्पलिंग की वर्तमान प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने मांग की कि यदि किसी नमूने में निर्माता को पक्षकार बनाया जाता है तो उसे नियमानुसार फॉर्म-5ए तत्काल पंजीकृत डाक से भेजा जाए। साथ ही रिटेलर या थोक व्यापारी द्वारा बिल प्रस्तुत करने पर ही निर्माता को पक्षकार बनाया जाए।
प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मंडल अध्यक्ष हरिमूर्ति सिंह ‘मनोज’ ने कहा कि खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट अधिनियम के अनुसार 14 दिनों में मिलनी चाहिए, लेकिन कई मामलों में रिपोर्ट महीनों बाद आती है। उन्होंने सभी राजकीय प्रयोगशालाओं में समयबद्ध जांच व्यवस्था लागू करने और पुनः जांच की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी रोकने की मांग की।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि केंद्रीय प्रयोगशाला की अंतिम रिपोर्ट आने से पहले खाद्य पदार्थ जब्त या नष्ट न किए जाएं। यदि केंद्रीय जांच में नमूना सही पाया जाता है तो व्यापारी को हुए नुकसान की भरपाई का कोई प्रावधान नहीं है। संगठन ने यह भी मांग की कि केवल मानकों में कमी होने पर नमूने को ‘अधोमानक’ घोषित किया जाए, जबकि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व मिलने पर ही उसे ‘असुरक्षित’ माना जाए।
व्यापारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा-69 के तहत छोटे मामलों में शमन (कंपाउंडिंग) की व्यवस्था लागू करने, पूर्णकालिक न्याय निर्धारण अधिकारी नियुक्त करने, निर्माता के सीलबंद पैक उत्पादों पर अनावश्यक छापेमारी रोकने और निजी प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई बंद करने की मांग भी उठाई।
ज्ञापन में रासायनिक खाद और कीटनाशकों के मानकों की समीक्षा, सर्वे सैंपलों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा उन्हीं के आधार पर नए मानक तय करने की भी मांग की गई, ताकि व्यापारियों का अनावश्यक उत्पीड़न न हो।
इस दौरान महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष वंदना वर्मा, जितेंद्र सिंह गुड्डू, राजेश सिंह, प्रवीण सिंह, विवेक सिंह, अजय कन्नौजिया, नितिन श्रीवास्तव, सुजीत कुमार गुप्ता, रजत सिंह, राजकुमार चौधरी, सुनील मिश्र, अश्विन कुमार सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं व्यापारी मौजूद रहे।








