अर्थशास्त्री शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम
न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल में दो दिव्य प्रशिक्षणों में आधुनिक शिक्षण विधियों से प्रयोगशाला बनाई गई
अध्यापक। न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल, सीनियर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दो दिव्य शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रशिक्षण का मुख्य विषय “आलोचनात्मक एवं प्रेरक शिक्षण” रहा।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन एंटरप्राइज़ रिज़र्स पर्सन डॉ. मनीषा सिंह एवं बालेंदु शेखर शर्मा ने किया। दोनों विशेषज्ञों ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) की प्रशिक्षण के शास्त्रीय शिक्षण को अधिक प्रभावशाली, नवोन्मेषी और विद्यार्थी-शिक्षक बनाने पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण के दौरान संस्थान को बताया गया कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल विषय-वस्तु का ज्ञान देना नहीं है, बल्कि छात्रों में आलोचनात्मक मार्गदर्शन, सुविधा, समस्या-समाधान क्षमता, सहयोगात्मक शिक्षण और व्यावहारिक कौशल का विकास करना भी है। विभिन्न समूह, समूह-चर्चाएँ, प्रस्तुतिकरण और अनुभवात्मक शिक्षण के माध्यम से कक्षा-कक्ष में आधुनिक शिक्षण-प्रशिक्षण के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।
रिज़र्स पर्सन ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति छात्रों को जिज्ञासु, आत्मनिर्भर और नवोन्वेषी बल कंपनियां बनाती हैं। इसके लिए संप्रदाय को पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों से आगे बढ़ती हुई ऐसी रणनीतियां अपनानी चाहिए, जो छात्रों में स्वतंत्र शिक्षण, प्रश्नोत्तरी की प्रवृत्ति और आग्रहपूर्ण अभिव्यक्ति को बढ़ावा दें।
दो दिव्य प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय की गुड़िया कामाक्षा सिंह , रिसोर्स पर्सन डॉ. मनीषा सिंह एवं बालेंदु शेखर शर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर साज़िश और दीप प्रज्वलन के साथ काम किया। कार्यक्रम में लगभग 60 शिक्षक विद्यालयों ने दस्तक दी।
समापन समारोह में डॉ. कामाक्षा सिंह ने दोनों शिक्षा विशेषज्ञों को स्मृति-श्रृंगार का दर्जा दिया। उन्होंने मुखर होकर कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंटर्नशिप के साथ व्यावसायिक कौशल को शामिल करने के साथ-साथ शिक्षा में गुणवत्ता को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है।








