मूलभूत सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों को हो रही परेशानी
बाराबंकी। आदर्श नगर पंचायत रामसनेहीघाट के धरौली स्थित पायका मैदान एवं खेल परिसर पर पिछले लगभग आठ वर्षों में केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं, विशेषकर खेलो इंडिया के तहत करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद आज भी यह खेल परिसर मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस परिसर का रखरखाव न होने से इसका प्रभावित हो रहा है। परिसर में इनडोर स्टेडियम सहित युवाओं, बच्चों और प्रौढ़ों के लिए खेल एवं व्यायाम की सुविधाएं विकसित की गई हैं, लेकिन आज तक यहां शुद्ध पेयजल और कॉमन यूरिनल जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। वहीं मैदान का समतलीकरण, घास की नियमित कटाई, साफ-सफाई और रखरखाव भी लंबे समय से उपेक्षित है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि परिसर में लगाए गए हाईमास्ट और अन्य विद्युत पोलों की लाइटें स्थापना के बाद से ही नहीं जलीं। पूरे परिसर की साफ सफाई के लिए किसी स्थायी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की गई है। साथ ही खेल परिसर के संचालन, रखरखाव और निगरानी के लिए स्थानीय संचालन समिति का भी अब तक गठन नहीं किया गया है।
उपेक्षा के चलते मैदान में जगह-
जगह बड़ी घास उग आई है। स्टेडियम के किनारे लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए ईंटों से बैरीकेडिंग तो कराई गई, लेकिन समय पर सिंचाई और देखरेख न होने से अधिकांश पौधे सूख गए हैं। इस बदहाल व्यवस्था का सबसे अधिक असर खिलाड़ियों बच्चों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की शारीरिक तैयारी कर रहे युवक-युवतियों पर पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने खेल परिसर में पेयजल, साफ सफाई, मैदान तथा पौधों के संरक्षण की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस खेल परिसर का लाभ क्षेत्र के खिलाड़ियों और आम नागरिकों को मिल सके।








