डा. अखंड प्रताप सिंह
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में, जबकि तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में एक चरण में मतदान; चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही आचार संहिता लागू
नई दिल्ली, 15 मार्च। भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार को देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया। चुनाव कार्यक्रम के तहत पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में अप्रैल महीने में मतदान कराया जाएगा, जबकि सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
निर्वाचन आयोग ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। वहीं तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान कराया जाएगा, जिसमें पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी राज्यों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इसके तहत सरकारें नई योजनाओं की घोषणा नहीं कर सकेंगी और सरकारी संसाधनों के चुनावी इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा।
निर्वाचन आयोग के अनुसार इन चुनावों में करीब 17 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान के लिए लगभग दो लाख से ज्यादा मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों और चुनाव कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
राजनीतिक दृष्टि से ये चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल के लिए सत्ता बचाने की चुनौती होगी, जबकि तमिलनाडु, केरल और असम में भी प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। पुडुचेरी में भी क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों के बीच दिलचस्प मुकाबले की संभावना है।
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही सभी राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। विभिन्न दलों द्वारा उम्मीदवारों के चयन, चुनावी सभाओं और प्रचार अभियानों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आने वाले हफ्तों में इन राज्यों में चुनावी माहौल और अधिक गरमाने की उम्मीद है।




