अमृत उजाला ब्यूरो
भोपाल। आज आयोजित एक कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने किसान कंपनियों के सशक्तिकरण, जलवायु अनुकूल कृषि एवं किसानों की आय वृद्धि के विषय पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन इंडियन ग्रामीण सर्विसेस की ओर से भास्कर सिंह बघेल द्वारा किया गया। संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी इंडियन ग्रामीण सर्विसेस के सीईओ राधेश्याम सोलंकी ने दी। कार्यक्रम के अंत में आगंतुकों का आभार हरिओम गोस्वामी द्वारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में अशोकनगर के 4 एफपीओ सहित सोलिदारिदाद, ग्राम सुधार समिति, बायपास, उद्योगिनी एवं अन्य संस्थाओं के कुल 58 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में पी. के. विश्वास ने कहा कि किसान कंपनियों के माध्यम से क्लाइमेट अनुकूल खेती को प्रभावी रूप से बढ़ाया जा सकता है तथा सरकारी योजनाओं का समावेश आवश्यक है। सुनील शर्मा (बंधन बैंक) ने बैंक की योजनाओं एवं CSR पहल के बारे में जानकारी देते हुए संगठित प्रयासों पर बल दिया।
सोलिदारिदाद इंडिया के सुरेश मोटवानी ने रीजेनेरेटिव (पुनर्योजी) खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को तकनीकी सहयोग एवं प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने की बात कही। वहीं ELRT के राजेंद्र ने एग्रोफॉरेस्ट्री को वर्तमान कृषि समस्याओं का समाधान बताते हुए मूल्य श्रृंखला से जुड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डी. पी. सिंह ने ग्रामीण पर्यटन को किसानों की अतिरिक्त आय का माध्यम बताते हुए “फार्म टू प्ले” जैसे नवाचारों की जानकारी दी। उद्योगिनी के मानवेन्द्र ने पारंपरिक खेती को पुनर्जीवित कर किसानों को बाजार से जोड़ने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने किसान कंपनियों के माध्यम से कृषि को व्यवसाय से जोड़ने, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन एवं किसानों की आय में वृद्धि के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।




