एटा। केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को जिला पंचायत परिसर स्थित जनेश्वर मिश्र सभागार में समेकित जनकल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान तथा जनपद स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री कैलाश राजपूत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। प्रभारी मंत्री कैलाश राजपूत ने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे उत्पादन लागत घटेगी, मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और किसानों की आय में सुधार होगा।
मारहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की तकनीक नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों ने जीवामृत, घनजीवामृत, जैविक कीट नियंत्रण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर किसानों को प्रशिक्षण दिया। विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में किसानों को सरकारी योजनाओं और कृषि तकनीकों की जानकारी भी दी गई।
उप कृषि निदेशक सुमित पटेल ने कहा कि जनपद में प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए विभाग लगातार अभियान चलाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, कृषि अधिकारियों, वैज्ञानिकों और जिले भर से आए सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।







