ई-रजिस्ट्री के विरोध में अधिवक्ताओं का धरना दूसरे दिन भी जारी, बार अध्यक्ष ने दिया समर्थन
एटा/अलीगंज। प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में रजिस्ट्रार कार्यालय परिसर में अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों का धरना गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली, जब पहले अलग-अलग रुख अपनाने वाले अधिवक्ता गुट एक मंच पर नजर आए और बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया।
धरने पर बैठे अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों के हितों के प्रतिकूल है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से पारंपरिक रजिस्ट्री प्रणाली प्रभावित होगी और बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं व बैनामा लेखकों के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने मांग की कि अधिवक्ताओं की आपत्तियों और सुझावों पर विचार किए बिना नई व्यवस्था लागू न की जाए।
धरना स्थल पर आयोजित बैठक में आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल अधिवक्ताओं का नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था से जुड़े हजारों लोगों के हितों का प्रश्न है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन स्तर पर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को रजिस्ट्रार कार्यालय परिसर में दो अधिवक्ता गुटों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिसके चलते पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था। हालांकि गुरुवार को माहौल पूरी तरह शांत रहा और दोनों गुटों के अधिवक्ता एकजुट होकर धरने में शामिल हुए।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ताओं की जायज मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा तथा संगठन अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा। वहीं आंदोलन का नेतृत्व कर रहे महेंद्र सिंह शाक्य ने स्पष्ट किया कि जब तक ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं की आपत्तियों का समाधान नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा।
धरना प्रदर्शन में महेंद्र सिंह शाक्य, प्रमोद मिश्रा, वेद प्रकाश, केपी सिंह, शिवांक दुबे, अमरीश सिंह राठौर सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं बैनामा लेखक उपस्थित रहे।








