-AIIPL Trading के जरिए 50–60% मुनाफे का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी
-अवैध संपत्तियों पर भी पुलिस की कार्रवाई
संतकबीरनगर
राणा प्रताप राय
धनघटा
साइबर क्राइम थाना और महुली पुलिस ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के दो और वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लोगों को शेयर बाजार में 50 से 60 प्रतिशत तक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। मामले में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई भी तेज कर दी गई है।पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना एवं महुली पुलिस ने थाना महुली में दर्ज मुकदमा संख्या 384/2025 के तहत वांछित आरोपी विक्रांत प्रकाश सिंह निवासी गायघाट और सत्यप्रकाश यादव निवासी चंद्रहर को उनके घरों से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
पुलिस के अनुसार 18 अक्टूबर 2025 को हटवा निवासी संतलाल मौर्य ने शिकायत दर्ज कराई थी कि विश्वनाथपुर में संचालित TVS Solution एवं AIIPL Trading के नाम से कार्यालय चलाने वाले लोगों ने शेयर बाजार में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे करीब 51 लाख रुपये निवेश कराए। तय समय के बाद न तो लाभ मिला और न ही मूल धन वापस किया गया।
जांच के दौरान पहले मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और साक्ष्यों से पता चला कि गिरोह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेशकों को फर्जी वर्चुअल बैलेंस और बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाता था, जबकि वास्तविक निवेश नहीं किया जाता था। नए निवेशकों से प्राप्त धन से पुराने निवेशकों को भुगतान कर पोंजी स्कीम की तर्ज पर करीब 30 करोड़ रुपये जुटाए गए।विवेचना में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी विक्रांत प्रकाश सिंह ने इस अवैध कारोबार से लगभग 4 करोड़ रुपये तथा सत्यप्रकाश यादव ने करीब 50 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित की। इन पैसों से खजनी, सहजनवां और संतकबीरनगर में अचल संपत्तियां खरीदी गईं।
पुलिस ने बताया कि अपराध से अर्जित धन से लखनऊ में खरीदे गए मकान को जब्त कराने के लिए न्यायालय में रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। साथ ही संबंधित संपत्तियों के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर रोक लगाने की कार्रवाई भी की गई है। मामले की विवेचना जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।








