बोले- राम आस्था हैं, चुनावी नारा नहीं
लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और मर्यादा के प्रतीक हैं। उनका नाम राजनीतिक सुविधा या चुनावी रणनीति का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि जो लोग वर्षों तक श्रीराम जन्मभूमि, अयोध्या और रामभक्तों की भावनाओं के प्रति मौन या उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाते रहे, वे आज लगभग हर बयान में श्रीराम का स्मरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह परिवर्तन हृदय से आया है तो उसका स्वागत है, लेकिन यदि यह केवल चुनावी मजबूरी है तो जनता इसे भी अच्छी तरह समझ रही है।
उन्होंने कहा कि श्रीराम का नाम लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों—मर्यादा, सत्य, सेवा और राष्ट्रधर्म—को सार्वजनिक जीवन में अपनाना ही सच्ची श्रद्धा का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अयोध्या का गौरव पुनर्स्थापित हुआ है तथा श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक बनकर स्थापित हुआ है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “राम आस्था हैं, ट्रेंड नहीं; राम मर्यादा हैं, राजनीतिक मजबूरी नहीं।” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता आस्था और अवसरवाद के बीच का अंतर भली-भांति समझती है और राजनीतिक दलों का आकलन उनके आचरण के आधार पर करती है, केवल बयानों के आधार पर नहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि “जो कभी श्रीराम के मुद्दे पर मौन थे, वे आज राम-नाम का सहारा ले रहे हैं। आस्था भाषणों से नहीं, बल्कि आचरण से सिद्ध होती है।”








