उन्नाव। एससीएसटी विशेष न्यायालय ने नौ साल पुराने मामले में शंख एयरलाइंस के मालिक सरवन विश्वकर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, गाली-गलौज और मारपीट के आरोप में परिवाद वाद दर्ज करने का आदेश दिया है। उन पर 250 ग्राम सोना हड़पने का भी आरोप है।
शहर के कलेक्टरगंज मोहल्ला निवासी सतीश कुमार ने अधिवक्ता के जरिए प्रार्थनापत्र देकर न्यायालय में बताया था कि वर्ष 2017 में सरवन विश्वकर्मा उनके मोहल्ले में रहकर प्लॉटिंग का काम करते थे। सरवन ने उन्हें गोल्ड लोन लेने की सलाह दी। भरोसा कर उनसे अपना 250 ग्राम सोना कानपुर के एक सराफ के पास गिरवी रखवाया था। सराफ ने 14 लाख रुपये खाते में जमा करने का वादा भी किया लेकिन रुपये नहीं दिए। पीड़ित सतीश के अनुसार उन्होंने शिकायत कर सोना वापस कराने के लिए कहा। बाद में सरवन और उनकी मां सुशीला ने सात-सात लाख रुपये के दो चेक दिए जिन्हें बैंक में लगाया लेकिन भुगतान नहीं हो सका। सतीश का आरोप है कि दबाव बनाने पर सरवन परिवार सहित बिना बताए चले गए। किसी तरह उनके पते की जानकारी करके मिलने पहुंचे। आरोप है कि सरवन ने जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।
सतीश के मुताबिक 19 सितंबर 2025 को सदर कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। 29 दिसंबर 2025 को उन्होंने पुलिस अधीक्षक को डाक से प्रार्थना पत्र भेजा, पर कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने कोतवाली से रिपोर्ट मांगी। इस पर आरोप संबंधी कोई मुकदमा दर्ज न होने की जानकारी दी गई। विशेष न्यायाधीश अंकिता शुक्ला ने दस्तावेजों और न्यायिक नजीरों के आधार पर परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। परिवादी सरवन को पक्ष रखने के लिए दो सितंबर को सुनवाई तारीख तय की है।







