युवक की मौत पर दो घंटे तक रुका अंतिम संस्कार
सरकारी नौकरी, मुआवजा और बच्चों की शिक्षा की मांग पर अड़े परिजन, प्रशासन के आश्वासन के बाद माने ग्रामीण
विनोद कुमार सिंह अंशु
बाराबंकी। घुंघटेर थाना क्षेत्र के सिकटिया गांव में सड़क हादसे में घायल 45 वर्षीय राम सिंह की इलाज के दौरान मौत के बाद गुरुवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई। दोपहर करीब तीन बजे शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी, आर्थिक मुआवजा, कृषि भूमि का पट्टा तथा बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे तक चली वार्ता और समझाइश के बाद अधिकारियों ने नियमानुसार हर संभव सहायता और विधिक कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए तथा अंतिम संस्कार के लिए सहमत हो गए।
परिजनों के मुताबिक, राम सिंह बुधवार शाम अपनी स्विफ्ट कार (UP 32 RJ 1518) से ओदरिया प्लांट से घर लौट रहे थे। आरोप है कि पीछे से आ रहे सीएचसी घुंघटेर के अधीक्षक डॉ. आर.पी. वर्मा के वाहन ने उनकी कार में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
राम सिंह अपने पीछे पत्नी मायादेवी, 14 वर्षीय बेटी आराध्या और 10 वर्षीय पुत्र अविनाश को छोड़ गए हैं। घटना की सूचना पर उपजिलाधिकारी फतेहपुर कार्तिकेय सिंह, क्षेत्राधिकारी फतेहपुर जगतराम कनौजिया समेत कई थाना प्रभारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। अधिकारियों के आश्वासन के बाद गतिरोध समाप्त हुआ और पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। मामले में पुलिस नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रही है।








