फिर जनता भरेगी फर्राटा
उन्नाव/अचलगंज। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (एनई-6) के लोकार्पण का इंतजार खत्म हो गया है। 13 जुलाई को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसे जनता को समर्पित करेंगे।
लोकार्पण का मुख्य कार्यक्रम लखनऊ के बंथरा में आयोजित होगा। इसके बाद तीनों अतिथि एक्सप्रेसवे पर सफर का अनुभव भी लेंगे। दोपहर बाद करीब तीन बजे मुख्य अतिथि और प्रमुख अधिकारी एक्सप्रेसवे पर यात्रा करेंगे। उनका काफिला सदर तहसील के झाऊखेड़ा पहुंचेगा। यहां एक्सप्रेसवे के लिए एक रेस्ट एरिया का निर्माण प्रस्तावित है। यहीं पर केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री, उन्नाव और कानपुर के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्रमुख पदाधिकारियों से संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में लगभग 250 लोग शामिल होने की उम्मीद है।
बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह और अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार गोंड ने संवाद स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्थान चिह्नित किया और लोकार्पण समारोह की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह एक्सप्रेसवे क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सच होगा 45 मिनट में लखनऊ पहुंचने का सपना
इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार में सुरक्षित चलकर 45 मिनट में सफर पूरा कर सकेंगे। हालांकि इसके लिए वाहन स्वामियों को हाईवे की अपेक्षा ज्यादा टोल टैक्स भी देना होगा। एनएचएआई के सूत्रों के अनुसार लखनऊ-कानपुर हाईवे की अपेक्षा इस एक्सप्रेसवे पर करीब 25 प्रतिशत अधिक टोल टैक्स लगेगा। एक तरफ के लिए टोल टैक्स 275 रुपये और आना-जाना 415 रुपये में होगा।
यहां से एक्सप्रेसवे पर चढ़ने की सुविधा
एक्सप्रेसवे को कानपुर-लखनऊ और उन्नाव-लालगंज (रायबरेली) हाईवे से भी जुड़ा है। दोनों ही स्थानों से लोग इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ और उतर सकेंगे। उन्नाव में दो जगह टोल कट हैं। कानपुर से लखनऊ जाने-आने के लिए जाजमऊ गंगा पुल या गंगा बैराज से आकर आजाद मार्ग चौराहा से एक्सप्रेसवे पहुंच सकेंगे। उन्नाव-लालगंज (रायबरेली) हाईवे से वाहन अचलगंज के कोरारी गांव के पास बने टोल कट से चढ़कर एक्सप्रेसवे पर सफर कर सकेंगे।






















