बलरामपुर। पचपेड़वा क्षेत्र में मनोरमा पुल के निर्माण के चलते मुख्य मार्ग बंद कर दिए जाने से दर्जनों गांवों की आवाजाही ठप हो गई है। बिना वैकल्पिक मार्ग बनाए सड़क बंद किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को प्रदर्शन कर प्रशासन से तत्काल बाईपास बनवाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि विशुनपुर कोडर और जीतपुर पकड़ी के बीच पुल निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने सड़क के दोनों ओर दीवार खड़ी कर मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया है। इससे करीब 35 गांवों का सीधा संपर्क टूट गया है।
प्रदर्शन में शामिल अतिउल्लाह, दीपक भारती, अफरोज खान, अख्तर हुसैन, नरेश, सलमान, नूर आलम, विमल, संत प्रसाद और रामरूप ने बताया कि यह सड़क पचपेड़वा को विशुनपुर कोडर, रेहरा चौकी, परसरामपुर, मड़नी, गोड़नी, सड़नी, कंचनपुर और बेलभरिया समेत दो दर्जन से अधिक गांवों से जोड़ती है। इसी रास्ते से लोग बाजार, अस्पताल और जिला मुख्यालय आते-जाते हैं।
ग्रामीणों ने सबसे ज्यादा चिंता स्कूली बच्चों को लेकर जताई। उनका कहना है कि इसी मार्ग से छात्र-छात्राएं, शिक्षक और रसोइया स्कूल पहुंचते हैं। सड़क बंद होने से अब बच्चों को लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ेगा। जो बच्चे पहले ही स्कूल जा चुके हैं, उन्हें छुट्टी के बाद घर लौटने में दिक्कत होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि आपात स्थिति में एंबुलेंस गांवों तक नहीं पहुंच पाएगी। इससे मरीजों की जान को खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था ने निर्माण तो शुरू कर दिया, लेकिन लोगों की सुविधा के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत बाईपास बनाकर आवागमन शुरू कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।








