हाईकोर्ट की सख्ती के बाद गोरखपुर SSP का बड़ा एक्शन,
पॉक्सो और दुष्कर्म मामले में समय पर जवाब दाखिल न करने पर कार्रवाई, 15 जुलाई को हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे SSP
गोरखपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बांसगांव थाने के थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइनहाजिर कर दिया। कार्रवाई पॉक्सो और दुष्कर्म से जुड़े एक मामले में हाईकोर्ट को समय पर जवाब न भेजने की लापरवाही के चलते की गई है।
हाईकोर्ट ने मामले में गोरखपुर के एसएसपी को 15 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मार्च 2026 का है मामला
मामला बांसगांव थाना क्षेत्र का है। मार्च 2026 में 15 वर्षीय किशोरी को संतकबीरनगर निवासी एक युवक कथित रूप से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। किशोरी की मां की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
बाद में किशोरी के बरामद होने और मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान के आधार पर मामले में दुष्कर्म की धारा भी जोड़ दी गई।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान हुई कार्रवाई
आरोपी की जमानत याचिका निचली अदालत से खारिज होने के बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने गोरखपुर पुलिस से मामले में जवाब मांगा था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब दाखिल नहीं किया गया।
सोमवार को सुनवाई के दौरान जवाब प्रस्तुत न होने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए एसएसपी को 15 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया।
समीक्षा में सामने आई लापरवाही
हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने पूरे मामले की समीक्षा कराई। जांच में थाना स्तर पर गंभीर लापरवाही सामने आने पर बांसगांव के थानाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह, संबंधित चौकी प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह और थाने के दीवान रमेश कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइनहाजिर कर दिया गया।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई भी नियमानुसार की जाएगी।








