मंदिर और गंगाघाट तक पहुंचना होगा मुश्किल
उन्नाव। सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से होने जा रही है, लेकिन जिले के प्रमुख शिव मंदिरों और गंगाघाटों तक जाने वाले मार्ग अब भी बदहाल हैं। जगह-जगह गड्ढे, जलभराव, कीचड़ और अधूरे निर्माण कार्य के कारण श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल सड़कें दुरुस्त कराने की मांग की है।
जिले के मगरवारा स्थित प्राचीन गोकुलबाबा मंदिर, बांगरमऊ के बाबा बुद्धेश्वर शिव मंदिर, परियर के बलखंडेश्वर महादेव मंदिर समेत कई प्रमुख शिवालयों तक जाने वाले मार्ग क्षतिग्रस्त हैं। वहीं परियर गंगाघाट जाने वाला निर्माणाधीन मार्ग भी श्रद्धालुओं के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
गोकुलबाबा मंदिर मार्ग पर गड्ढे और जलभराव
मगरवारा स्थित प्राचीन गोकुलबाबा मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सावन में यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, लेकिन मंदिर तक पहुंचने वाला मार्ग गहरे गड्ढों और जलभराव से प्रभावित है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है।
बुद्धेश्वर मंदिर के दोनों मार्ग जर्जर
बांगरमऊ स्थित बाबा बुद्धेश्वर शिव मंदिर सावन में आस्था का प्रमुख केंद्र रहता है। प्रत्येक सोमवार को यहां विशाल मेला लगता है, लेकिन मंदिर तक पहुंचने वाले दोनों प्रमुख मार्ग जर्जर अवस्था में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद अब तक मरम्मत नहीं कराई गई।
परियर घाट मार्ग डेढ़ साल से अधूरा
परियर-बिठूर मार्ग से गंगाघाट तक जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य करीब डेढ़ वर्ष से अधूरा पड़ा है। निर्माण अवधि फरवरी में समाप्त हो चुकी है, लेकिन सड़क अभी भी कीचड़, गड्ढों और निर्माण सामग्री से भरी हुई है। हाल ही में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने कार्य में देरी पर नाराजगी जताते हुए चार दिन में निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
40 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा
फतेहपुर चौरासी क्षेत्र में गंगा कटान के कारण कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग बंद होने से श्रद्धालुओं को कानपुर के शिवराजपुर स्थित बाबा खेरेश्वर मंदिर जाने के लिए करीब 40 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। स्थानीय लोगों ने वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।
श्रद्धालुओं ने जताई नाराजगी
परियर गंगाघाट के तीर्थ पुरोहित जयशंकर दीक्षित ने कहा कि लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान और जलभराव के लिए आते हैं, लेकिन अधूरी सड़क के कारण उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं गोरीमऊ के पूर्व प्रधान रामगोपाल पांडेय ने कहा कि मार्ग बंद होने से बाबा खेरेश्वर के दर्शन के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा।
पीडब्ल्यूडी का पक्ष
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता हरदयाल अहिरवार ने बताया कि गोकुलबाबा मंदिर मार्ग पर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से बारिश में पानी भर जाता है। सावन को देखते हुए मार्ग की मरम्मत कराई जाएगी। अन्य खराब सड़कों का भी निरीक्षण कर आवश्यक कार्य कराया जाएगा।






