गोरखपुर बार एसोसिएशन समारोह में बोले सीएम योगी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिविल कोर्ट, गोरखपुर की स्थापना वर्ष 1895 में हुई थी और तब से यह न्याय, सत्य तथा सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए पीढ़ी-दर-पीढ़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आ रहा है। वह सोमवार को बार एसोसिएशन (सिविल कोर्ट), गोरखपुर की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के परिचय समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान गोरखपुर कचहरी और यहां के अधिवक्ताओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन ने केवल आजादी की लड़ाई में ही नहीं, बल्कि स्वतंत्रता के बाद भी राजनीतिक, सामाजिक और न्यायिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाकर समाज को नई दिशा देने का कार्य किया है।
सीएम योगी ने कहा कि अधिवक्ताओं की भूमिका केवल न्यायालय तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे समाज में कानून के प्रति जागरूकता, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि नई कार्यकारिणी बार की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएगी।
समारोह में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के सदस्यों का परिचय कराया गया तथा उनकी भावी योजनाओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में न्याय के प्रति समर्पण, पेशेवर नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।







