Gorakhpur Police News: गोरखपुर जिले से पुलिस विभाग को कठघरे में खड़ा करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। बड़हलगंज कोतवाली में तैनात एक उपनिरीक्षक (दरोगा) पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और रिश्वत मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित का आरोप है कि मामले की शिकायत करने के बावजूद पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) गोरखपुर ने बड़हलगंज पुलिस को आरोपी दरोगा के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने और निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
थाने बुलाकर प्रताड़ित करने का आरोप
खड़ेसरी गांव निवासी बबलू सोनकर, पुत्र भुआल सोनकर, ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि 27 जनवरी 2026 को उपनिरीक्षक ने उनकी पत्नी की ओर से दी गई शिकायत का हवाला देकर उन्हें थाने बुलाया था। पीड़ित के अनुसार, थाने पहुंचने के बाद दरोगा ने उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। बबलू सोनकर ने आरोप लगाया कि रात के समय उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया गया और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान उन्हें जातिसूचक टिप्पणियों और अपशब्दों का सामना करना पड़ा। पीड़ित का कहना है कि दरोगा ने उन्हें किसी गंभीर मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी भी दी।
50 हजार रुपये मांगने का आरोप
पीड़ित ने न्यायालय को बताया कि उसे छोड़ने के बदले दरोगा ने 50 हजार रुपये की मांग की थी। बबलू के मुताबिक, आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह इतनी रकम देने में असमर्थ था, जिसके बाद भी उसे कथित रूप से परेशान किया जाता रहा। आरोप है कि बाद में पीड़ित के भाई ने किसी तरह 50 हजार रुपये की व्यवस्था कर दरोगा को दिए, जिसके बाद उसे थाने से छोड़ा गया।
इस मामले में बड़हलगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कोर्ट का आदेश प्राप्त होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अब पुलिस मामले की जांच कर आरोपों की सत्यता की पड़ताल करेगी।






