अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर लगे आरोपों के बीच तपस्वी छावनी की ओर से उनके समर्थन में बड़ा बयान सामने आया है। तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य के उत्तराधिकारी राजर्षी महंत एकनाथ महाराज ने चंपत राय पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताया है। उन्होंने अपने गुरुदेव का हवाला देते हुए कहा कि चंपत राय ने अपना पूरा जीवन भगवान श्रीराम की सेवा और भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पित किया है। ऐसे व्यक्ति पर लगाए जा रहे आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
चंपत राय और जगद्गुरु परमहंस आचार्य के बीच हुई लंबी चर्चा
राजर्षी महंत एकनाथ महाराज ने बताया कि मंगलवार को चंपत राय अचानक तपस्वी छावनी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य से करीब एक घंटे तक एकांत में विस्तृत बातचीत की। इस मुलाकात के बाद संत समाज की ओर से पहली बार सार्वजनिक रूप से चंपत राय के समर्थन में बयान सामने आया है।
राम मंदिर निर्माण के लिए जीवन समर्पित करने वाले व्यक्ति पर आरोप गलत: संत समाज
राजर्षी महंत एकनाथ महाराज के अनुसार, उनके गुरुदेव का मानना है कि चंपत राय ने अपना जीवन भगवान श्रीराम के कार्यों और राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति वर्षों तक श्रीराम के कार्य में पूरी निष्ठा से लगा रहा हो, वह मंदिर की संपत्ति या श्रीराम के खजाने से जुड़ी किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं कर सकता।
जल्द सामने आएगी पूरे मामले की सच्चाई
राजर्षी महंत एकनाथ महाराज ने कहा कि उनके गुरुदेव को पूरा विश्वास है कि इस पूरे मामले की वास्तविकता जल्द ही सामने आएगी और सच्चाई देश के सामने होगी। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था पर सभी को भरोसा रखना चाहिए और जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट करेगा दूध का दूध और पानी का पानी: राजर्षी महंत एकनाथ महाराज
राजर्षी महंत एकनाथ महाराज ने न्यायपालिका पर विश्वास जताते हुए कहा, “जिस प्रकार हंस दूध और पानी को अलग कर देता है, उसी प्रकार सर्वोच्च न्यायालय भी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगा।” उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आएगी और चंपत राय पर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो जाएगी।
राम मंदिर से जुड़े घटनाक्रम के बीच बयान महत्वपूर्ण
तपस्वी छावनी की ओर से आया यह बयान राम मंदिर से जुड़े घटनाक्रम के बीच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संत समाज की ओर से चंपत राय के समर्थन में यह पहला बड़ा सार्वजनिक बयान बताया जा रहा है।






