बाराबंकी: सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही ग्राम तपेसिपाह के पास संजय सेतु और रेलवे पुल के आसपास नदी की कटान भी तेज हो गई है। इसके बावजूद लोग खतरे की परवाह किए बिना नदी किनारे पहुंच रहे हैं। शाम होते ही संजय सेतु के आसपास सेल्फी लेने और फोटो खिंचवाने वालों की भीड़ जुट रही है। इनमें युवा ही नहीं, महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
कटान वाले स्थानों पर पहुंच रहे लोग
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सरयू नदी में इस समय कटान का स्वरूप बेहद खतरनाक बना हुआ है। नदी किनारे की मिट्टी नीचे से काफी दूर तक कट जाने के बाद अचानक भरभराकर नदी में समा रही है। ऐसे में कटान वाले किनारे पर खड़े या बैठे व्यक्ति को संभलने का मौका भी नहीं मिल सकता। इसके बावजूद संजय सेतु के आसपास कई लोग कटान प्रभावित हिस्सों तक पहुंचकर बेखौफ होकर बैठते और तस्वीरें लेते दिखाई दे रहे हैं। सेल्फी लेने के दौरान लोग नदी के बेहद करीब चले जाते हैं, जिससे किसी अनहोनी की आशंका बनी हुई है।
बढ़ते जलस्तर से हादसे का खतरा
सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने और लगातार कटान होने के कारण संजय सेतु के आसपास खतरा बढ़ गया है। नदी किनारे मिट्टी कमजोर होने के चलते किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर बच्चों और महिलाओं के नदी के किनारे पहुंचने से जोखिम और बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन को तत्काल सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए। लोगों को कटान वाले हिस्सों तक पहुंचने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग जरूरी है।
पुलिस तैनाती और बैरिकेडिंग की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से संजय सेतु और रेलवे पुल के आसपास संवेदनशील स्थानों पर तत्काल बैरिकेडिंग कराने की मांग की है। इसके साथ ही नदी किनारे पुलिसकर्मियों की तैनाती किए जाने की भी मांग उठाई गई है, ताकि लोग जोखिम वाले स्थानों पर न पहुंच सकें। लोगों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के साथ कटान भी लगातार तेज हो रही है। ऐसे में समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो सेल्फी और मौज-मस्ती के चक्कर में किसी भी समय गंभीर दुर्घटना हो सकती है।






