संतकबीरनगर। धनघटा विधानसभा क्षेत्र के कलान गांव में मानवता की मिसाल सामने आई है। माता-पिता के सहारे से वंचित चार मासूम बच्चों की दयनीय स्थिति देखकर पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नीलमणि गौतम मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बच्चों के रहने के लिए घर बनवाने की पहल की और उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी भी उठाई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, चारों बच्चों के माता-पिता उन्हें छोड़कर चले गए हैं। बताया गया कि बच्चों की मां किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई थीं। इसके बाद उनके पिता ने भी बच्चों से दूरी बना ली। माता-पिता के साथ नहीं होने के कारण चारों बच्चे लंबे समय से झोपड़ी में रहकर किसी तरह अपना जीवन गुजार रहे थे। उनके लिए भोजन, कपड़े और अन्य जरूरी सामान जुटाना भी मुश्किल था।
बच्चों की स्थिति की जानकारी जब नीलमणि गौतम को मिली तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और उनकी मदद करने का निर्णय किया। उन्होंने बच्चों के रहने के लिए पक्का आशियाना बनवाने की व्यवस्था कराई। इसके साथ ही बच्चों के लिए भोजन, कपड़े, ओढ़ने-बिछाने का सामान और रोजमर्रा की अन्य आवश्यक वस्तुएं भी उपलब्ध कराई गईं नीलमणि गौतम के इस प्रयास की जानकारी क्षेत्र में पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने उनकी पहल की सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है, उनके लिए आगे आकर मदद करना समाज के अन्य सक्षम लोगों को भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित करता है।
चारों मासूमों के जीवन में माता-पिता की कमी की भरपाई तो नहीं हो सकती, लेकिन अब उन्हें सुरक्षित छत और बुनियादी जरूरतों का सहारा मिलने से उनके जीवन में कुछ राहत जरूर आई है। बच्चों के लिए बनाए गए आशियाने को लेकर गांव के लोगों में भी खुशी का माहौल है।






